बंदर अब्बास में इजरायल की बड़ी स्ट्राइक, ईरान के नेवी कमांडर तंगसीरी की मौत; तेहरान में मचा हड़कंप

Israel Iran War: इजरायल ने ईरान के रणनीतिक बंदरगाह बंदर अब्बास पर भीषण हमला कर IRGC नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी को मार गिराने का दावा किया है। इस घटना से मीडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है।
Major Israeli Strike in Bandar Abbas: Iranian Navy Commander Tangsiri Killed; Tehran Thrown into Turmoil
IRGC नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Updated on

IRGC Navy Commander Alireza Tangsiri Killed: मीडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को चौंका कर रख दिया है। इजरायल ने ईरान के सबसे शक्तिशाली सैन्य संगठन, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना के कमांडर अलीरेजा तंगसीरी को एक स्ट्राइक मार गिराने का दावा किया है। यह हमला ईरान के बंदरगाह शहर 'बंदर अब्बास' में किया गया है।

कौन थे तंगसीरी?

अलीरेजा तंगसीरी केवल एक सैन्य अधिकारी नहीं थे बल्कि उन्हें ईरान की समुद्री युद्धनीति का मुख्य सूत्रधार माना जाता था। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, तंगसीरी ही वह व्यक्ति थे जो विश्व व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक Strait of Hormuz को बंद करने और वहां ईरानी प्रभुत्व बनाए रखने की निगरानी कर रहे थे। इतना ही नहीं वह अक्सर समुद्र में अमेरिका और इजरायल को सीधी चुनौती देने वाले अपने आक्रामक बयानों के कारण अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में रहते थे।

किसलिए महत्वपूर्ण है बंदर अब्बास?

ईरान का सबसे महत्वपूर्ण नौसैनिक अड्डा बंदर अब्बास है जहां से ईरान पूरे फारस की खाड़ी और अंतरराष्ट्रीय समुद्री गतिविधियों पर नजर रखता है। इस स्थान पर इजरायल द्वारा किया गया यह हमला ईरान की सैन्य और नौसैनिक शक्ति के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान माना जा रहा है। यदि तंगसीरी की मौत की आधिकारिक पुष्टि होती है तो यह ईरान के सैन्य ढांचे को हिला देने वाली घटना होगी।

चुप क्यों है तेहरान?

सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि इजरायल के इस बड़े दावे के बावजूदअभी तक तेहरान की ओर से अपने शीर्ष कमांडर की स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट का मानना है कि ईरान अपने इतने बड़े सैन्य अधिकारी की मौत का बदला लेने के लिए बड़ी जवाबी कार्रवाई कर सकता है। इस हमले के बाद खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षा का संकट और गहरा गया है।

तीन दर्जन से अधिक कमांडर बने निशाना

बता दें कि इस चल रहे युद्ध में अमेरिका- इजरायल अब तक ईरान के तीन दर्जन से अधिक प्रमुख सैन्य कमांडरों को अपना निशाना बना चुके हैं। इस हमले के बाद से यह लगता है कि इजरायल अब ईरान के भीतर घुसकर उसके रणनीतिक ठिकानों को ध्वस्त करने की नीति पर काम कर रहा है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं क्योंकि यह घटना एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की चिंगारी बन सकती है।

Navbharat Live
navbharatlive.com