ट्रंप की सैन्य हमले की धमकी के बाद क्यूबा में युद्ध की आहट, भीषण ईंधन संकट के बीच हाई अलर्ट पर सेना

Trump Cuba Conflict: डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सैन्य कार्रवाई की धमकी दिए जाने के बाद क्यूबा ने अपनी सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। देश में भीषण ईंधन संकट और ब्लैकआउट के बीच तनाव चरम पर है।
Trump threatens military strike, triggers war in Cuba; army on high alert amid severe fuel crisis
क्यूबा के सैनिक, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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US Cuba Military Threat: वेनेजुएला और ईरान में अमेरिकी सैन्य सक्रियता के बाद अब क्यूबा पर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सीधी सैन्य कार्रवाई की धमकी के बाद क्यूबा ने देश भर में 'वार अलर्ट' जारी कर दिया है। ट्रंप ने क्यूबा के सामने सख्त शर्त रखी है कि या तो वह वाशिंगटन की शर्तों को मानकर समझौता करे या फिर अमेरिकी सैन्य हमले का सामना करने के लिए तैयार रहे।

सुरक्षा तैयारियां और राष्ट्रपति का संदेश

ट्रंप के इस कड़े अल्टीमेटम को गंभीरता से लेते हुए क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने सेना और नागरिकों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है। राष्ट्रपति कैनेल ने स्पष्ट किया कि क्यूबा की यह तैयारी आक्रामक नहीं बल्कि रक्षात्मक है। उन्होंने अपने देश के नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संभावित अमेरिकी हमले का मुकाबला करने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहें। हालांकि, क्यूबा के अधिकारियों का कहना है कि वे टकराव टालने के लिए अब भी बातचीत के पक्ष में हैं लेकिन देश के राजनीतिक ढांचे और राष्ट्रपति पद को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

ईंधन संकट और चरमराती व्यवस्था

क्यूबा यह युद्ध स्तर की तैयारियां ऐसे समय में कर रहा है जब पूरा देश भीषण ईंधन-ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण क्यूबा में तेल की सप्लाई लगभग ठप हो गई है। स्थिति इतनी गंभीर है कि पिछले एक हफ्ते में दो बार क्यूबा का 'नेशनल पावर ग्रिड' फेल हो चुका है जिससे पूरा देश अंधेरे में डूब गया है। बिजली गुल होने का असर अब अस्पतालों पर भी पड़ रहा है जहां गंभीर मरीजों के ऑपरेशन तक नहीं हो पा रहे हैं। सड़कों पर गाड़ियां खड़ी हैं और विमान सेवाएं ईंधन की कमी के कारण बंद करनी पड़ी हैं।

प्रतिबंधों का कड़ा चक्र

सूत्रों के अनुसार, अमेरिका चाहता है कि राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल को पद से हटाया जाए जिसे क्यूबा ने सिरे से खारिज कर दिया है। इससे पहले क्यूबा को वेनेजुएला से रियायती दरों पर तेल मिलता था लेकिन अमेरिका ने उस रास्ते को भी पूरी तरह बंद कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने उन सभी देशों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी है जो क्यूबा को तेल बेचने की कोशिश करेंगे।

इस कूटनीतिक और आर्थिक घेराबंदी ने क्यूबा को एक ऐसी स्थिति में ला खड़ा किया है जहां एक तरफ उसे अपनी संप्रभुता बचानी है और दूसरी तरफ आंतरिक आर्थिक पतन से निपटना है। दुनिया भर के विशेषज्ञ अब इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित हैं क्योंकि ट्रंप की ये धमकियां किसी बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में तब्दील हो सकती हैं।

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