ईरान संकट पर ट्रंप का प्लान, कॉन्सेप्ट फोटो  
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ईरान को जमकर हौंकने की तैयारी? कल ट्रंप की महा-मीटिंग में तैयार होगा एक्शन प्लान, दुनिया में मची खलबली

Trump Iran Meeting: ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कल वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें सैन्य हमले और साइबर ऑपरेशन जैसे कड़े विकल्पों पर चर्चा होगी।

अमन उपाध्याय

US Military Action Iran: ईरान में छिड़ी सरकार विरोधी बगावत अब एक अंतरराष्ट्रीय संकट का रूप ले चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को अपने प्रशासन के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने वाले हैं।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ईरान द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की जा रही सख्ती का मुकाबला करने के लिए ठोस रणनीति तैयार करना है। रिपोर्टों के अनुसार, इस बैठक में विदेश मंत्री मार्को रूबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन जैसे दिग्गज शामिल होंगे।

क्या हैं अमेरिका के संभावित कदम?

सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि अमेरिका केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं है। बैठक में जिन विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है, उनमें शामिल हैं-

सीक्रेट साइबर वेपन: ईरान के सरकारी तंत्र और सैन्य ठिकानों को पंगु बनाने के लिए गुप्त साइबर हथियारों का इस्तेमाल।

नए और कड़े प्रतिबंध: ईरानी शासन की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए अतिरिक्त आर्थिक पाबंदियां।

सैन्य ठिकानों पर हमला: सीधे सैन्य कार्रवाई के तहत विशिष्ट ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना।

इंटरनेट और सोशल मीडिया: ईरान में प्रदर्शनकारियों की आवाज को बुलंद करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग और एलन मस्क की स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के टर्मिनल ईरान भेजना, ताकि इंटरनेट बंदी के बावजूद लोग संपर्क में रह सकें।

ट्रंप की खुली चेतावनी और ईरान का जवाब

राष्ट्रपति ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए साफ कहा कि वे ईरान के खिलाफ "बहुत सख्त विकल्पों" की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने ईरानी शासन को आगाह किया कि यदि उन्होंने अमेरिकी सैनिकों या हितों को निशाना बनाया, तो अमेरिका ऐसे स्तर पर जवाबी कार्रवाई करेगा जो पहले कभी नहीं देखी गई।

वहीं, ईरान ने भी पलटवार करने में देरी नहीं की है। ईरान की संसद के स्पीकर ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने पहले हमला किया, तो मध्य पूर्व में मौजूद तमाम अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। ईरान का मानना है कि ये प्रदर्शन विदेशी ताकतों की एक साजिश है।

कूटनीतिक तनाव के बीच उम्मीद

इस तनाव के बीच एक कूटनीतिक खिड़की भी खुली नजर आ रही है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरानी नेतृत्व ने बातचीत के लिए फोन किया है और एक बैठक की संभावना बन रही है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी पुष्टि की है कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बीच बातचीत का चैनल खुला है। हालांकि, मंगलवार की बैठक में कोई अंतिम फैसला होने की संभावना कम है क्योंकि विचार-विमर्श अभी शुरुआती चरण में है।

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