थाईलैंड-कंबोडिया तनाव चरम पर, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
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फाइटर जेट्स की एंट्री, 8 लोगों की मौत, थाईलैंड-कंबोडिया तनाव चरम पर... UN ने की बड़ी अपील

Thailand Cambodia War: थाईलैंड और कंबोडिया के बीच पुराना सीमा विवाद एक बार फिर हिंसक रूप ले चुका है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच गोलीबारी में कई नागरिक और सैनिक मारे गए हैं। हालात गंभीर होते देख...

अमन उपाध्याय

Cambodia Thailand Conflict: थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा पर लगातार बढ़ रहा तनाव दोबारा हिंसा में बदल गया है। पिछले दो दिनों में दोनों देशों की सेनाओं के बीच कई बार गोलीबारी हुई, जिसमें कुल 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। सीमा क्षेत्रों में भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।

रिपोर्ट के अनुसार कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि थाई सेना की गोलीबारी में उनके 7 नागरिकों की मौत हुई है और 20 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय ने इसे युद्धविराम उल्लंघन करार देते हुए कहा कि थाईलैंड बिना उकसावे के हमला कर रहा है।

सैन्य ठिकानों पर लड़ाकू विमानों से कार्रवाई

वहीं दूसरी ओर थाईलैंड के प्रमुख अखबार बैंकॉक पोस्ट ने सेना के हवाले से जानकारी दी है कि मुठभेड़ में थाई सेना का एक जवान मारा गया है और 18 लोग घायल हुए हैं। थाई सेना ने प्रतिरोध में कंबोडिया के अंदर स्थित सैन्य ठिकानों पर लड़ाकू विमानों से जवाबी कार्रवाई की है। तनाव बढ़ने के बाद थाई प्रशासन ने सीमा से सटे गांवों में रहने वाले नागरिकों को अपने घर खाली कर सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह भी दी है। दूसरी ओर कंबोडिया ने 9 दिसंबर को 30 विदेशी राजनयिकों और तीन अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ आपात बैठक की, जिसमें UN के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। बैठक में कंबोडिया ने थाईलैंड पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।

बाहरी हमलों का जवाब देना आवश्यक

कंबोडिया के पूर्व प्रधानमंत्री हुन सेन ने भी इस संघर्ष पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपनी जमीन की रक्षा करना उसकी मजबूरी है। उन्होंने कहा कि कंबोडिया शांति के पक्ष में है, लेकिन बाहरी हमलों का जवाब देना आवश्यक है। यह संघर्ष ऐसे समय में तेज हुआ है जब थाईलैंड ने नवंबर में उस शांति समझौते को रोक दिया था, जो अक्टूबर में कुआलालंपुर में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उपस्थिति में हुआ था। समझौते को स्थगित करने का कारण थाई सेना के दो सैनिकों का लैंडमाइन विस्फोट में घायल होना बताया गया था।

कोई नया नहीं है मामला

दरअसल, थाईलैंड और कंबोडिया के बीच यह विवाद औपनिवेशिक काल के नक्शों को लेकर दशकों से जारी है। इससे पहले जुलाई में भी दोनों देशों के बीच भारी लड़ाई हुई थी, जिसमें जेट, मिसाइलें और जमीनी सेना तक शामिल थी। उस संघर्ष में दर्जनों लोग मारे गए थे और करीब दो लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा था।

लगातार बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने दोनों देशों से संयम बरतने और युद्धविराम समझौते का पालन करने की अपील की है। UN ने कहा है कि वह क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। सीमा विवाद के चलते बढ़ती हिंसा एक बार फिर इस बात का संकेत दे रही है कि दशकों पुराने मुद्दे पर समाधान के बिना स्थायी शांति की उम्मीद करना मुश्किल है।

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