जाइमा रहमान (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

बांग्लादेश में हो गया बड़ा खेल...तारिक नहीं इस लड़की को मिली BNP की कमान! बनेगी जिया की सियासी वारिस

Bangladesh Election: बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा और राजनीतिक संकट के बीच जाइमा रहमान, बीएनपी नेता तारिक रहमान की बेटी, युवा नेतृत्व के रूप में उभरकर देश की राजनीति में कदम रख रही हैं।

अक्षय साहू

Zaima Rahman Returns Bangladesh: बांग्लादेश इस समय गंभीर हालात से गुजर रहा है। देश में हिंसा बढ़ रही है और अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। मौजूदा हालात में कट्टरपंथी ताकतें मजबूत होती दिख रही हैं। इसी बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान 17 साल बाद देश लौटे हैं।

दिलचस्प बात ये है कि, तारिक रहमान के साथ उनकी बेटी जाइमा रहमान भी बांग्लादेश लौट रही है। जाइमा खालिदा जिया की पोती हैं। उनके दादा जियाउर रहमान बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति रह चुके हैं। भले ही दुनिया उन्हें अभी ज्यादा न जानती हो, लेकिन बांग्लादेश की जनता उनके नाम से परिचित है। इसके चलते सोशल मीडिया पर कई लोग उन्हें देश का “फ्यूचर लीडर” बता रहे हैं और भविष्य की शेख हसीना या खालिदा जिया के रूप में देख रहे हैं।

लंदन में वकील हैं जाइमा

जाइमा रहमान पेशे से वकील हैं और लंदन में बैरिस्टर के तौर पर काम कर चुकी हैं। उनका बचपन बांग्लादेश में बीता। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह सिर्फ 6 साल की उम्र में अपनी दादी खालिदा जिया के साथ वोट डालने गई थीं। हाल ही में उन्होंने फेसबुक पर अपनी दादी से जुड़ी एक भावुक याद भी साझा की और लिखा कि वह अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलेंगी। अब तक जाइमा ने न कोई चुनाव लड़ा है और न ही किसी पार्टी पद पर रही हैं, लेकिन हाल के समय में उनकी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ी हैं। जुलाई 2024 में हुई छात्र क्रांति के बाद वह कई कार्यक्रमों में अपने पिता की जगह शामिल हुईं। वह अमेरिका के नेशनल प्रेयर ब्रेकफास्ट में भी नजर आईं और बीएनपी की अंतरराष्ट्रीय बैठकों में हिस्सा लिया।

मिल सकती है बीएनपी की कमान

बीएनपी पर भ्रष्टाचार के आरोप रहे हैं और खुद तारिक रहमान भी विवादों में रहे हैं। ऐसे में पार्टी एक नए और साफ चेहरे की तलाश में है। माना जा रहा है कि जाइमा रहमान बीएनपी के लिए वह नया युवा चेहरा बन सकती हैं, जो जेन-जी यानी युवा पीढ़ी को आकर्षित कर सके।

जाइमा ने फिलहाल चुनाव लड़ने या कोई पद लेने की घोषणा नहीं की है, लेकिन फेसबुक पोस्ट में उन्होंने कहा है कि वह देश के लिए बड़ा रोल निभाना चाहती हैं और लोगों से सीधे जुड़कर बांग्लादेश को फिर से मजबूत बनाना चाहती हैं। फरवरी 2026 में होने वाले चुनाव से पहले उनकी बढ़ती सक्रियता साफ संकेत देती है कि आने वाले समय में वह बांग्लादेश की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

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