

ED Raid CSR Fraud Network: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देश भर में बड़े पैमाने पर चल रहे एक कथित फर्जी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) दान नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बुधवार को एक साथ कई राज्यों में छापेमारी की कार्रवाई की। केंद्रीय जांच एजेंसी ED ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर में कुल 8 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। इस पूरी कार्रवाई में महाराष्ट्र का हिस्सा सबसे प्रमुख बताया जा रहा है, जहाँ कई संदिग्ध ठिकानों पर ईडी की टीमों ने सुबह से ही डेरा डाल रखा था।
महाराष्ट्र में की गई कार्रवाई इस जांच का प्रमुख हिस्सा है। तलाशी के दौरान उन परिसरों को निशाना बनाया गया, जिनका संबंध कथित तौर पर न्यासियों और बिचौलियों से है। प्रारंभिक जांच में एक कथित ‘फर्जी सीएसआर नेटवर्क’ के संचालन की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों को आशंका है कि इस कथित धोखाधड़ी में करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की इस विशेष कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उन न्यासों और बिचौलियों का भंडाफोड़ करना है, जो इस फर्जी CSR नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ लोगों और ट्रस्टों ने मिलकर एक सुव्यवस्थित धोखाधड़ी का ताना-बाना बुना था, जिसके जरिए करोड़ों रुपये के फर्जी लेन-देन को अंजाम दिया गया। ईडी की इस अचानक कार्रवाई से वित्तीय और कॉरपोरेट क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
ईडी के अधिकारियों को आशंका है कि कुछ विशेष न्यासों का गठन केवल अनिवार्य कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत मिलने वाले फंड की हेराफेरी के लिए किया गया था। जांच के अनुसार, ये फर्जी ट्रस्ट कंपनियों या दानदाताओं से कानूनी रूप से CSR फंड प्राप्त करते थे और फिर अपना तय कमीशन काटकर बाकी रकम नकद या अन्य माध्यमों से वापस कंपनियों को लौटा देते थे। इस पूरी प्रक्रिया का इस्तेमाल ब्लैक मनी को व्हाइट करने और टैक्स चोरी के लिए किया जा रहा था।
ईडी को संदेह है कि अनिवार्य सीएसआर योगदान की राशि को कमीशन लेकर संबंधित कंपनियों या दानदाताओं को वापस करने के उद्देश्य से कुछ न्यास विशेष रूप से बनाए गए थे। जांच एजेंसी अब इन न्यासों, बिचौलियों और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार की कार्रवाई के दौरान महाराष्ट्र के अलावा पश्चिम बंगाल, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर में भी संबंधित परिसरों की तलाशी ली गई। जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।