न्याय नहीं मिला तो...उस्मान हादी के भाई ने दी यूनुस को चेतावनी, बोले- बात नहीं मानी तो करेंगे घेराव

Hadi Murder Case: उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में हालात बिगड़े हैं। भाई ओमर ने सरकार पर न्याय न देने का आरोप लगाते हुए सड़कों पर आंदोलन की चेतावनी दी।
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उस्मान हादी के भाई ने सरकार को दी चेतावनी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Usman Hadi Brother Warns Govt: बांग्लादेश में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद देश में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। अब इस आंदोलन की अगुवाई उनके भाई शरीफ ओमर बिन हादी कर रहे हैं। ओमर का कहना है कि सरकार जिस तरह से जांच कर रही है, उससे साफ लगता है कि वह इस मामले में न्याय दिलाने को लेकर गंभीर नहीं है।

ओमर ने सीधे तौर पर अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी बात नहीं मानी और सही कदम नहीं उठाए, तो वे कैंटोनमेंट और जमुना (जहां यूनुस रहते हैं) का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे। उस्मान हादी की हत्या के खिलाफ चल रहे एक प्रदर्शन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब यह सिर्फ उनके परिवार की मांग नहीं रही, बल्कि बांग्लादेश के करीब 18 करोड़ लोगों की मांग बन चुकी है।

सरकार को न्याय में कोई दिलचस्पी नहीं

उन्होंने कहा कि यूनुस सरकार की हालत देखकर साफ है कि वह न्याय दिलाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही। लोग सड़कों पर उतर चुके हैं और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे घर नहीं लौटेंगे। ओमर ने यह भी चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं बदले, तो आंदोलन और ज्यादा सख्त किया जा सकता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि देश की स्थिति और खराब होने से पहले वह सही फैसला ले।

इससे पहले भी ओमर ने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि आने वाले चुनाव को रद्द कराने के लिए साजिश के तहत उस्मान हादी की हत्या करवाई गई। उन्होंने राजनीतिक नेताओं और सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि परिवार को न्याय न मिलना सरकार की बड़ी नाकामी है। ओमर ने चेतावनी दी कि अगर सत्ता में बैठे लोग न्याय नहीं दे सकते, तो उन्हें सत्ता छोड़ देनी चाहिए।

सिर में मारी गई थी गोली

ओमर ने अपने भाई की हत्या के लिए सीधे तौर पर सत्ता में बैठे लोगों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अगर उस्मान हादी को न्याय नहीं मिला, तो दोषियों को देश छोड़ना पड़ेगा। 32 वर्षीय छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी ने शेख हसीना को सत्ता छोड़ने के लिए मजबूर करने वाले आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। वह अपने भारत विरोधी विचारों के लिए भी जाना जाता था और आगामी चुनाव में उम्मीदवार था। चुनाव प्रचार के दौरान 12 दिसंबर को उसे गोली मारी गई। इलाज के लिए उसे सिंगापुर ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर को उसकी मौत हो गई।

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