S Jaishankar SCO Summit: दिल्ली में हाल ही में हुए धमाके के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साफ शब्दों में कहा है कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ अपने लोगों की सुरक्षा करने का पूरा अधिकार है। मॉस्को में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एससीओ की स्थापना का मूल उद्देश्य आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी खतरनाक प्रवृत्तियों से निपटना था, और आज ये खतरे पहले से कहीं अधिक गंभीर हो चुके हैं।
जयशंकर ने कहा, हमें आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के प्रति जीरो सहिष्णुता दिखानी होगी। इसका कोई औचित्य नहीं हो सकता, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, और इसे कोई लीपापोती नहीं कर सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए मजबूती से आतंकवाद का जवाब देगा और अपने लोगों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
विदेश मंत्री ने एससीओ के कार्यप्रणाली में बदलाव की भी वकालत की। उनका कहना था कि बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप संगठन को अपने एजेंडे का विस्तार करना चाहिए और अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाना चाहिए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भारत इस दिशा में सकारात्मक और सक्रिय योगदान देगा।
एससीओ की राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक में अपने संबोधन में जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ बिना किसी समझौते के एकजुट कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह खतरा केवल किसी एक देश तक सीमित नहीं है और इसे खत्म करना सभी के साझा प्रयासों का मुद्दा होना चाहिए। हाल ही में दिल्ली में हुए आतंकवादी हमले के संदर्भ में यह बयान और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मॉस्को पहुंचते ही जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से द्विपक्षीय मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने न सिर्फ द्विपक्षीय सहयोग पर, बल्कि एससीओ, ब्रिक्स, संयुक्त राष्ट्र और जी-20 से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की।
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जयशंकर का संदेश स्पष्ट था भारत आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है, अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और वैश्विक मंचों पर आतंकवाद के प्रति न केवल विरोध बल्कि ठोस कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देगा।