Nepal Flood Rescue Operation: नेपाल में आई त्रासदी के बाद मृतकों की संख्या 1200 के पार पहुंच चुकी है। आपदा के 9वें दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शुक्रवार को त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की एक सुरंग से दो लोगों को जिंदा रेस्क्यू किया गया।
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के 9 दिन बाद सुरंग से दो मजदूरों को जिंदा बचाया गया। भोटेकोशी में अचानक आई बाढ़ की आपदा के 9 दिन बाद, त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की एक सुरंग मलबे से भर गई थी। इस मलबे के बीच से दो लोगों का जिंदा बचना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
शुक्रवार को संजय शाह को पहले बाहर निकाला गया और उसके बाद कबीर महार्जन को निकाला गया। रेस्क्यू किए गए जाने के बाद पता चला कि संजय शाह मैकेनिकल फोरमैन है और कबीर महार्जन मैकेनिकल सुपरवाइजर है।
बताया जा रहा है कि रेस्क्यू टीम को सुरंग के अंदर से आवाजें सुनाई आ रही थी। इन आवाजों से रेस्क्यू टीम को संदेह हुआ कि अंदर कोई फंसा है और अभी भी सांसे ले रहा है। रेस्क्यू टीम ने अंदर फंसे लोगों से कहा कि, "घबराएं नहीं, हम आपको बचा लेंगे।" इसके जवाब से अंदर से भी आवाज आई और रेस्क्यू टीम ने सुरंग में ऑपरेशन तेज कर दिया।
माना जा रहा है कि आपदा से समय त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की इस सुरंग में मजदूर काम कर रहे थे, तभी बाढ़ में सभी मलबे में दब गए। रेस्क्यू टीम को आशंका है कि इन्ही की तहर अंदर और भी लोग फंसे हो सकते है। इसलिए लागातार सुरंग में लोगों की तलाश जारी है।
नेपाल पुलिस के अनुसार, नेपाल त्रासदी में मरने वालों की संख्या 1290 हो चुकी है और आगे भी मौत का आंकड़ा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
नेपाल सरकार ने गुरुवार को विनाशकारी भोटेकोशी बाढ़ से प्रभावित उद्योगों, व्यापारियों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए एक व्यापक व्यापार पुनर्प्राप्ति पैकेज की घोषणा की, जिसमें सीमा शुल्क छूट, कर राहत, ऋण पुनर्गठन और बीमा दावों के तेजी से भुगतान की पेशकश की गई है।
नेपाल के वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित व्यवसायों और आर्थिक गतिविधियों को राहत उपायों और रियायत प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
सरकार का यह कदम पिछले सप्ताह आई बाढ़ से हुई तबाही के बीच व्यवसायों को फिर से अपने संचालन को पुनर्जीवित करने में मदद करने के उद्देश्य से है। इस आपदा में अब तक 1,259 लोगों की जान चली गई थी, जबकि राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार 5,083 लोग अभी भी लापता हैं।