आसिम मुनीर (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

तालिबानी हमले से उड़ी मुनीर की नींद! इमरजेंसी मीटिंग में निकाली भड़ास, ISI चीफ का पत्ता साफ

Pakistan Tension in Taliban Attack: पाकिस्तान को अफगानिस्तान से मिली हार पर आसिम मुनीर ने ISI की नाकामी पर नाराजगी जताई और डूरंड लाइन पर हमलों को बड़ी खुफिया विफलता बताते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की।

अक्षय साहू

Asim Munir on Taliban Attack: पाकिस्तान को भारत के बाद अब अफगानिस्तान से भी करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इस ताज़ा हार से पाकिस्तान की सेना में खलबली मच गई है। सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए शीर्ष सैन्य अधिकारियों की कड़ी क्लास ली है। उन्होंने इसे खुफिया एजेंसियों की बड़ी नाकामी बताया और इस पूरे मामले पर एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अफगान-तालिबान के हमले के बाद मुनीर ने तत्काल एक आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में उन्होंने डूरंड लाइन पर तालिबान के बढ़ते हमलों को लेकर कई तीखे सवाल पूछे और खुफिया तंत्र की नाकामी पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के प्रमुख, लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शूजा पाशा को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि इस स्तर की चूक नामंजूर है।

ISI की नाकामी से बौख्लाए मुनीर

बैठक के दौरान जनरल आसिम मुनीर का लहजा बेहद सख्त था। उन्होंने इसे इंटेलिजेंस विफलता के साथ देश के पश्चिमी मोर्चे पर हुए व्यापक हमलों से जोड़ते हुए कड़ी नाराजगी जताई। मुनीर ने इन हमलों को न केवल खुफिया तंत्र की नाकामी से जोड़ा, बल्कि रणनीतिक स्तर पर भारी चूक करार दिया। मुनीर ने सभी सैन्य अधिकारियों से इस पूरी घटना की विस्तृत रिपोर्ट सात दिनों के भीतर सौंपने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से पूछा कि इतने बड़े पैमाने पर हमला होने के बावजूद समय रहते खुफिया जानकारी क्यों नहीं मिल पाई, और तात्कालिक प्रतिक्रिया के लिए कोई तैयारी क्यों नहीं थी।

एक साथ सात मोर्चों से हमला

मुनीर ने सेना की रणनीतिक विफलता की ओर इशारा करते हुए कहा कि ऐसे हालात में मोर्चों पर कोई जवाबी रणनीति तैयार न होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आर्मी जनरल्स को चेताया कि भविष्य में किसी भी तरह की चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी मोर्चों पर मजबूत तैयारी सुनिश्चित की जाए।

बताया जा रहा है कि अफगान-तालिबान की ओर से पाकिस्तान पर सात अलग-अलग मोर्चों से एक साथ हमले किए गए। ये हमले अंगूर अड्डा, बजौर, कुर्रम, दीर, चित्राल, वजीरिस्तान (खैबर पख्तूनख्वा) और चमन (बलोचिस्तान) के इलाकों में हुए। इन हमलों के चलते न केवल पाकिस्तान की खुफिया व्यवस्था की कमजोरियां उजागर हुईं, बल्कि सीमा सुरक्षा की तैयारी भी सवालों के घेरे में आ गई है।

MLC Election Results LIVE: यूपी, बिहार, महाराष्ट्र समेत चार राज्यों में मतगणना, RJD का चुनाव आयोग को पत्र

BRICS Parliamentary Forum 2026: ब्रिक्स फोरम में बिरला का संदेश, चर्चाओं से नहीं ठोस नतीजों से तय होगी सफलता

Bihar MLC Election Result: पटना में मतगणना केंद्र पर हंगामा, CCTV नहीं होने पर कांग्रेस-जन सुराज ने उठाए सवाल

चक्रवात अर्णव आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा, 140 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; 20 राज्यों में बारिश का अलर्ट

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, 12 विपक्षी पार्टियों की संयुक्त याचिका को साथ सुनेगा कोर्ट