लाओस गुफा रेस्क्यू, फोटो (सो. Reuters) 
विदेश

लाओस की गुफा बनी काल! सोने की तलाश में फंसे ग्रामीणों का रेस्क्यू जारी; कई देशों के एक्सपर्ट्स बचाव में जुटे

Laos Cave Rescue: लाओस के शैशोमबून प्रांत में सोने की अवैध तलाश के दौरान खदान में फंसे ग्रामीणों को बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारी बारिश के कारण अभियान में परेशानी हो रही है।

अमन उपाध्याय

Laos Cave Rescue Gold Minie Accident: दक्षिण-पूर्व एशियाई देश लाओस की पहाड़ियों के नीचे छिपे 'सोने के खजाने' ने एक बार फिर इंसानी जिंदगी को दांव पर लगा दिया है। लाओस के शैशोमबून प्रांत में एक अंडरग्राउंड खदान की सुरंग में पिछले दस दिनों से बचाव अभियान जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नौ ग्रामीणों का एक समूह 'गोल्ड ओर' की तलाश में अवैध रूप से एक संकरी गुफा में दाखिल हुआ था, लेकिन वे वहां फंस गए।

कैसे हुआ हादसा?

यह दर्दनाक हादसा 20 मई को उस समय हुआ, जब अचानक मूसलाधार मानसूनी बारिश शुरू हो गई। भारी बारिश के कारण आए भूस्खलन ने रेत, कंकड़ और कीचड़ के जरिए गुफा के प्रवेश द्वार को पूरी तरह से बंद कर दिया। हालांकि, एक व्यक्ति पानी बढ़ने से ठीक पहले बाहर निकलने में सफल रहा और उसने अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। वर्तमान में, अधिकांश लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन कुछ अभी भी लापता हैं।

बेहद चुनौतीपूर्ण है रेस्क्यू ऑपरेशन

इस हादसे वाली जगह तक पहुंचना बचाव दलों के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है। गुफा का प्रवेश द्वार एक सुदूर पहाड़ी इलाके में है, जहां पहुंचने के लिए 4 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है। लाओस सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थाईलैंड, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, जापान और इंडोनेशिया के विशेषज्ञ गोताखोरों की मदद ली है।

गुफा के अंदर जीरो विजिबिलिटी, कार्बन डाइऑक्साइड का खतरनाक स्तर और संकरी जगह होने के कारण बचावकर्मी रेंगकर ऑक्सीजन सिलेंडर अंदर पहुंचा रहे हैं। फंसे हुए लोगों को ताकत बनाए रखने के लिए फॉयल कंबल और हाई-प्रोटीन लिक्विड फूड दिया जा रहा है।

लाओस की गुफा में फंसे लोगों को बचाने की योजनाओं पर चर्चा करने के लिए बचावकर्मी, फोटो (सो. Reuters)

लाओस का 'गोल्ड ट्रेजर'

लाओस एक कम विकसित देश है, लेकिन इसकी पहाड़ियों के नीचे अरबों डॉलर का सोना दबा हुआ है। यहां दो तरह के भंडार पाए जाते हैं पहाड़ियों के भीतर 'प्राइमरी डिपॉजिट्स' और मेकांग नदी की रेत में 'नदी का सोना'। देश की 'सेपोन माइन' और 'फु खाम' जैसी बड़ी खदानें सालाना 8 से 10 टन शुद्ध सोने का उत्पादन करती हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। चीन, थाईलैंड और सिंगापुर इस सोने के सबसे बड़े खरीदार हैं।

हालांकि, इस चमक के पीछे एक काला पहलू भी है। गरीबी के कारण स्थानीय ग्रामीण बिना किसी सुरक्षा गियर के बंद पड़ी खतरनाक खदानों में उतर जाते हैं। अधिकारी बार-बार चेतावनी देते हैं लेकिन 'लॉटरी' की तरह दिखने वाला यह सोना ग्रामीणों को मौत के मुंह में खींच ले जाता है,। शैशोमबून प्रांत का यह हादसा इसी 'गोल्ड रश' की भूख और मजबूरी का नतीजा है।

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