25 साल पुराना जल विवाद खत्म? बिहार-झारखंड में सोन नदी के पानी को लेकर हुआ बड़ा समझौता

Sone River Water Dispute: बिहार-झारखंड के बीच 25 साल पुराना सोन नदी जल विवाद खत्म। गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में पानी के बंटवारे पर ऐतिहासिक समझौता हुआ।
25-year-old water dispute resolved; major agreement reached between Bihar and Jharkhand regarding Sone River water.
अमित शाह, बिहार-झारखंड मुख्यमंत्री (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Bihar Jharkhand Water Sharing Agreement: बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के पानी के बंटवारे को लेकर करीब 25 साल से चला आ रहा विवाद अब खत्म हो गया है। दोनों राज्यों ने पानी के बंटवारे को लेकर समझौता कर लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में दोनों राज्यों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत केंद्र और दोनों राज्यों के कई अधिकारी मौजूद रहे। जल शक्ति राज्य मंत्री सीआर पाटिल और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

हर राज्य की अपनी जरूरत- गृह मंत्री

गृह मंत्री अमित शाह ने इस समझौते को सहकारी संघवाद का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि हर राज्य की अपनी जरूरत और प्राथमिकताएं होती हैं, लेकिन देश के बड़े हित के लिए सरकारों को साथ मिलकर समाधान निकालना चाहिए।

इन जिलों को मिलेगा फायदा

समझौते के बाद बिहार के भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, गया और पटना जैसे जिलों में सिंचाई और पानी की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं झारखंड के पलामू और गढ़वा जिलों को भी इसका लाभ मिलेगा। इस समझौते से दोनों राज्यों में सिंचाई और जल आपूर्ति की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे किसानों और आम लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

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अंतरराज्यीय विवाद सुलझाने की दिशा में बड़ा कदम

अमित शाह ने कहा कि कृषि, गांवों के विकास और जल संसाधनों से जुड़े विवाद भी बातचीत और आपसी सहमति से हल किए जा सकते हैं। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने समझौते के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह का धन्यवाद किया। ये इस साल अंतरराज्यीय विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की दिशा में चौथा बड़ा समझौता है।

इससे पहले नर्मदा नदी के पानी से जुड़े भुगतान विवाद और यमुना जल परियोजना समेत कई मामलों में राज्यों के बीच सहमति बनी है। बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के पानी को लेकर हुआ ये समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब खेती और बढ़ती आबादी के कारण देश में पानी की जरूरत लगातार बढ़ रही है।

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