

LPG Cars Milk ITR And Foreign Travel Costs Change: महीने की पहली तारीख से रोजमर्रा की जिंदगी और घरेलू बजट से जुड़े कई अहम बदलाव लागू हुए हैं। इनमें LPG सिलेंडर की कीमत, पेट्रोल-डीजल के दाम, कारों की कीमत, दूध के भाव, प्रॉपर्टी टैक्स और इनकम टैक्स रिटर्न से जुड़े नियम शामिल हैं।
वहीं विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों की जेब और मासिक बजट पर पड़ सकता है।
तेल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की नई कीमतें जारी करती हैं। अगस्त में 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 209 रुपये तक की कटौती की गई थी। इससे पहले जुलाई में भी कीमत 179 रुपये कम हुई थी।
हालांकि 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में पिछले महीने कोई बदलाव नहीं किया गया था। अब सितंबर की शुरुआत में एक बार फिर LPG के नए रेट जारी किए जा सकते हैं।
दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी लोगों के लिए अहम रहेंगी। तेल कंपनियां रोजाना ईंधन के नए रेट जारी करती हैं, लेकिन महीने की पहली तारीख पर संभावित बदलावों पर विशेष नजर रहती है।
अगर आप सितंबर में नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बजट बढ़ सकता है। 1 सितंबर 2026 से टाटा मोटर्स और हुंडई की कारों की कीमतों में बढ़ोतरी होने वाली है।
टाटा मोटर्स ने अपनी कारों और SUV के अलग-अलग वैरिएंट की कीमतों में 25 हजार रुपये तक बढ़ोतरी का ऐलान किया है। हुंडई ने भी अपनी कारों की कीमतें बढ़ाने की जानकारी दी है। ऐसे में नई कार खरीदने वालों को अतिरिक्त रकम खर्च करनी पड़ सकती है।
मुंबई शहर में तबेले से मिलने वाला दूध भी महंगा होने वाला है। दूध कारोबारियों के मुताबिक, पशुओं के चारे और अन्य खर्चों में बढ़ोतरी के कारण कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर तक इजाफा किया जा सकता है।
वहीं NCR के फरीदाबाद में प्रॉपर्टी टैक्स और सीवर-पानी बिल का बोझ बढ़ेगा। अब प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्टर रेट के आधार पर तय किया जाएगा। इसके अलावा पानी की दरों में करीब 200 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है।
विदेश यात्रा करने वालों को एयरपोर्ट पर राहत मिलेगी। 1 सितंबर से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को इमिग्रेशन क्लीयरेंस के दौरान बोर्डिंग पास पर मुहर लगवाने की जरूरत नहीं होगी। इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंटेड बोर्डिंग पास दिखाकर प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
दूसरी ओर गैर-ऑडिट बिजनेस और प्रोफेशनल टैक्सपेयर्स के लिए ITR दाखिल करने की 31 अगस्त की समयसीमा खत्म हो चुकी है। अब बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने पर 1,000 से 5,000 रुपये तक शुल्क लग सकता है।