Trump Administration Iran Policy Unity: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान वेंस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने मतभेदों की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने पत्रकारों से पूछा कि क्या वे प्रशासन के सदस्यों और राष्ट्रपति के बीच जानबूझकर दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। वेंस ने स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ सैन्य रणनीति और भविष्य के कदमों को लेकर वर्तमान अमेरिकी सरकार पूरी तरह एकजुट है।
जेडी वेंस ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मीडिया के उन सवालों को टाल दिया जिनमें उनके पुराने रुख का हवाला दिया गया था। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आप प्रशासन के सदस्यों के बीच और मेरे और राष्ट्रपति के बीच जानबूझकर फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। वेंस ने यह भी बताया कि वे राष्ट्रपति ट्रंप की इस बात से पूरी तरह सहमत हैं कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक बुद्धिमान नेता बताया और पिछली सरकारों की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें मूर्ख करार दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि ट्रंप अमेरिकी लोगों के हित में काम करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि अतीत में की गई गलतियों को दोबारा न दोहराया जाए। वेंस ने कहा कि पूरा प्रशासन एक टीम के रूप में काम कर रहा है और उनमें किसी भी प्रकार का कोई आंतरिक मतभेद नहीं है।
जेडी वेंस ने पहले कई बार सार्वजनिक रूप से कहा था कि अमेरिका को दूसरे देशों के युद्धों में शामिल होने से बचना चाहिए क्योंकि इससे संसाधन नष्ट होते हैं। साल 2023 में एक लेख में उन्होंने लिखा था कि ट्रंप इसलिए सफल रहे क्योंकि उन्होंने देश को अनावश्यक विदेशी संघर्षों में नहीं उलझने दिया था। साल 2024 में भी उन्होंने स्पष्ट किया था कि ईरान के साथ किसी भी प्रकार का युद्ध अमेरिका के राष्ट्रीय हितों के बिल्कुल विपरीत होगा।
हालांकि वर्तमान स्थिति में वेंस ने अपने पुराने रुख के बजाय प्रशासन की सामूहिक नीति का समर्थन किया है और राष्ट्रपति की सैन्य रणनीति पर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें राष्ट्रपति पर पूरा भरोसा है कि वे ईरान मामले को कुशलतापूर्वक खत्म करेंगे और मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने में सफल होंगे। वेंस का यह बयान दिखाता है कि वे अब ट्रंप की आक्रामक विदेश नीति के साथ पूरी तरह से तालमेल बिठा चुके हैं और पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
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अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की दुखद मौत हो चुकी है और करीब 200 सैनिक घायल हैं। यह सैन्य कार्रवाई सात अलग-अलग देशों में चल रही है जहां अमेरिकी सेना सक्रिय रूप से मुकाबला कर रही है और घायलों में कई की हालत नाजुक है। सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने चेतावनी दी है कि समय के साथ हताहतों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि संघर्ष अभी भी जारी है।