अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

ईरानी राजनयिकों को अमेरिका से निकालने का दावा खारिज, विदेश मंत्री अराघची बोले- तय समय पर हुई स्वदेश वापसी

Iranian Diplomats Expulsion: संयुक्त राष्ट्र महासभा के बाद अमेरिका से ईरानी राजनयिकों के निष्कासन की खबरों को अराघची ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि सभी राजनयिक तय शेड्यूल से स्वदेश लौटे हैं।

प्रिया सिंह

Iranian Diplomats Expulsion Claim Rejected: संयुक्त राष्ट्र महासभा के बाद अमेरिका से ईरानी राजनयिकों को निकाले जाने की खबरों पर विवाद खड़ा हो गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद करार दिया है।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र बैठक में शामिल सभी ईरानी राजनयिक पूर्व निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही वापस लौटे हैं। अराघची ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय पर निशाना साधते हुए कहा कि झूठे निष्कासन का दावा करना उनकी निराशा और हार को दर्शाता है।

इससे पहले अमेरिकी मीडिया एक्सियोस ने दावा किया था कि दो ईरानी राजनयिकों को अमेरिकी विदेश मंत्री के आदेश पर निकाला गया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरानी मिशन ने भी स्पष्ट किया कि प्रतिनिधिमंडल का शेड्यूल पहले ही अमेरिकी विदेश विभाग को भेज दिया गया था।

विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बयान और अमेरिकी दावों का खंडन

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर अमेरिकी दावों को खारिज किया। अराघची ने लिखा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने वाले सभी ईरानी राजनयिक तय समय-सारणी के तहत ही वापस लौटे हैं।

उन्होंने बताया कि केवल एक राजनयिक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार पहले रवाना हुए थे, बाकी सभी तय समय पर लौटे।ईरानी विदेश मंत्री ने किसी भी कूटनीतिक दल के प्रमुख द्वारा झूठे निष्कासन पर गर्व करने को अनुचित और अयोग्य बताया।

उन्होंने कहा कि ऐसी फर्जी खबरें फैलाना अमेरिकी प्रशासन की घबराहट, हताशा और विफलता को उजागर करता है। अराघची ने जोर देकर कहा कि अमेरिका का यह व्यवहार संयुक्त राष्ट्र मेजबान देश के रूप में उसके दायित्वों के खिलाफ है।

एक्सियोस की रिपोर्ट, मार्को रुबियो और संयुक्त राष्ट्र में ईरानी मिशन

दरअसल अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस (Axios) ने एक दिन पहले अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि दो राजनयिक निकाले गए। रिपोर्ट अनुसार संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र समाप्त होने के बाद रुके दो ईरानी राजनयिकों को अमेरिका से बाहर कर दिया गया।

एक्सियोस ने दावा किया था कि यह कार्रवाई अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) के आदेश पर की गई थी। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी मिशन ने इस विवाद पर बयान जारी कर एक्सियोस की रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया।

ईरानी मिशन अनुसार विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल सोमवार शाम को ही न्यूयॉर्क से रवाना हुआ था। मिशन ने स्पष्ट किया कि प्रस्थान का यह शेड्यूल 17 सितंबर को ही अमेरिकी विदेश विभाग को अग्रिम रूप से भेज दिया गया था।

विदेश विभाग पर आरोप और मेजबान देश के दायित्वों पर सवाल

संयुक्त राष्ट्र में ईरानी मिशन ने अमेरिकी विदेश विभाग पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने कुछ भी हासिल नहीं किया है। मिशन ने कहा कि कोई कूटनीतिक सफलता न मिलने पर अमेरिकी विदेश विभाग बेबुनियाद और मूल्यहीन खबरें फैलाने में जुटा है।

ईरानी अधिकारियों अनुसार संयुक्त राष्ट्र का मेजबान देश होने के नाते अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करना चाहिए। ईरान ने कहा कि अमेरिका द्वारा इस तरह की आधारहीन खबरें फैलाना उसकी कूटनीतिक नाकामी को छिपाने का प्रयास मात्र है।

सभी राजनयिकों के तय शेड्यूल पर लौटने के बाद ईरान ने अमेरिकी दावों को पूरी तरह बेनकाब कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जारी राजनयिक तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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