डोनाल्ड ट्रम्प और मोजतबा खामेनेई (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

Iran-US Ceasefire: मोजतबा खामेनेई अमेरिका से बात करने को तैयार, रिपोर्ट में किया गया बड़ा दावा

Iran-US Ceasefire Talks: ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण संघर्ष जारी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मोजतबा खामनेई ने अमेरिका के साथ बातचीत और संभावित समझौते के लिए अपनी सहमति दे दी है।

अर्पित शुक्ला

Iran–US Ceasefire: ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच एक बड़ा अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मोजतबा खामनेई ने अमेरिका के साथ बातचीत और संभावित समझौते के लिए सहमति जताई है। अगर यह जानकारी सही साबित होती है, तो युद्ध के बीच शांति की संभावना काफी बढ़ सकती है। यह दावा अल अरेबिया ने इजराइली मीडिया के हवाले से किया है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि ईरानी नेतृत्व के साथ उनकी बातचीत जारी है और जल्द समाधान निकल सकता है। युद्ध के 24वें दिन ट्रंप ने बताया कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हालिया बातचीत में कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी है और वार्ता आगे भी जारी रहेगी। हालांकि, पहले ट्रंप ने बातचीत के लिए मोहम्मद बघेर गालिबाफ का नाम लिया था, लेकिन अब रिपोर्ट्स में खामनेई के वार्ता के लिए तैयार होने की बात कही जा रही है।

ईरान ने दावों को नकारा

ट्रंप ने कहा कि उनके दूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जेयर्ड कुशनर भी इस बातचीत में शामिल हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ईरान के एक प्रमुख नेता से संपर्क में है। वहीं, ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई सीधी या अप्रत्यक्ष बातचीत नहीं हो रही है।

5 दिन में समझौते की संभावना?

ट्रंप के मुताबिक बातचीत अब गंभीर चरण में पहुंच चुकी है और अमेरिका ने 5 दिनों का समय दिया है, जिसमें बड़ा समझौता हो सकता है। ईरान की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया कि अमेरिका का 15 सूत्रीय प्रस्ताव मध्यस्थ के जरिए उन्हें मिला है।

हमले टले, तनाव बरकरार

ट्रंप ने यह भी कहा कि फिलहाल ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा ढांचे पर हमले टाल दिए गए हैं। यह फैसला तब आया, जब ईरान ने चेतावनी दी थी कि हमले की स्थिति में वह अमेरिकी और इजराइली ठिकानों को निशाना बनाएगा।

इससे पहले ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर सख्त रुख अपनाया था। यह समुद्री मार्ग दुनिया की करीब 20% तेल और गैस सप्लाई के लिए बेहद अहम है, जो फिलहाल काफी हद तक प्रभावित है।

28 फरवरी से जारी इस संघर्ष में अब तक 2000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और वैश्विक बाजारों पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। हालांकि, ताजा घटनाक्रम से यह उम्मीद जरूर जगी है कि आने वाले दिनों में तनाव कम हो सकता है।

भाई साहब, आप बदल गए हैं... रेवती सुले के वेडिंग रिसेप्शन में खरगे ने ली PM मोदी की चुटकी, देखें वायरल VIDEO

मीटिंग कराई तो उल्टा लटका दिया जाएगा...अभिजीत दिपके का BJP पर गंभीर आरोप, बोले- हॉल मालिकों को मिलीं धमकियां

जल्द शुरू होने जा रहा जंतर-मंतर का सीजन-2... अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान

साला, भाई, भौजाई... सबकी JSSC में रैंक! कौन हैं अभय तिवारी, पोस्टर लेकर विधानसभा क्यों पहुंचे छात्र?

राज्यसभा में गूंजा आयुष्मान भारत का आर्थिक असर; भाजपा सांसद रजनीश अग्रवाल के सवाल पर सरकार का जवाब