Iran Sanctions US Illegal Restrictions: ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों की कड़े शब्दों में निंदा की है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी प्रतिबंधों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन बताया।
भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर अमेरिकी सरकार की इस नीति का कड़ा विरोध जताया। ईरान का कहना है कि अमेरिका दूसरे देशों संग उसके व्यापार और हवाई यातायात में गैरकानूनी रुकावटें पैदा कर रहा है।
इन प्रतिबंधों के कारण ईरान और इराक के बीच उड़ानों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे नागरिकों को दिक्कतें हो रही हैं। ईरान ने इराक से अपील की है कि वह अमेरिकी दबाव का मुकाबला करते हुए उड़ानें फिर शुरू करने हेतु कदम उठाए।
भारत में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया साझा की। पोस्ट में ईरान ने अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को अवैध और अमानवीय करार दिया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी सरकार ईरान और अन्य देशों के बीच व्यापार व हवाई यातायात में रुकावटें डाल रही है। ईरानी विदेश मंत्रालय अनुसार अमेरिका के ये कदम संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों तथा अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं।
यह नीति आम नागरिकों के मानवाधिकारों को भी नुकसान पहुंचाती है। इसके साथ ही, ऐसे कदम पड़ोसी देशों के बीच दोस्ताना और शांतिपूर्ण संबंधों के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
ईरान ने दोनों देशों के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों का विशेष उल्लेख किया। विदेश मंत्रालय अनुसार ईरान और इराक के भाईचारे वाले रिश्ते किसी भी अस्थायी परिस्थिति से कहीं अधिक गहरे हैं।
उड़ानों की आवाजाही पर लगाई गई पाबंदियां दोनों देशों के साझा आर्थिक व सामाजिक हितों के खिलाफ हैं। हर साल लाखों ईरानी और इराकी नागरिक व्यापार, धार्मिक यात्रा, पर्यटन, पढ़ाई और इलाज के लिए हवाई सफर करते हैं।
उड़ानों पर पाबंदी से लाखों यात्रियों में से सैकड़ों-हजारों मरीजों, छात्रों और कारोबारियों को गंभीर परेशानी हो रही है। अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों को देखते हुए ऐसी पाबंदियों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ईरान का इस्लामी गणराज्य इराक की राष्ट्रीय संप्रभुता का पूरा सम्मान करता है। इसके साथ ही ईरान ने इराकी सरकार से अपील की है कि वह अमेरिकी दबाव और धमकाने वाली नीतियों से निपटने के लिए उचित कदम उठाए।
जिम्मेदार फैसले लेकर ही इन हवाई पाबंदियों को समाप्त किया जा सकता है। ईरान ने उम्मीद जताई कि इराक कदम उठाकर दोनों देशों के बीच सामान्य हवाई सेवाओं को फिर से शुरू करवाएगा।
दोनों देशों के बीच नागरिक आवाजाही और व्यापार बहाल होना दोनों सरकारों और जनता के हित में है। सही फैसलों से ही क्षेत्र में दोस्ताना संबंधों और साझा हितों को सुरक्षा मिलेगी।