इराकी सीमा के पास खड़े दो अमेरिकी तेल टैंकरों पर ईरान का हमला, धमाके के बाद लगी भीषण आग, देखें तबाही का VIDEO

Operation Epic Fury: ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से आगे बढ़कर पूरे फारस की खाड़ी में हमलों का विस्तार कर रहा है, जिससे अमेरिका और इजराइल पर दबाव बढ़ रहा है।
US-Owned Oil Tanker Hit By Suspected Iran Attack
इराकी सीमा के पास खड़े दो अमेरिकी तेल टैंकरों पर ईरान का हमला (Image- Social Media)
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Israel Iran War: ईरान ने 11 तारीख को इराकी जलक्षेत्र में लंगर डाले दो अमोरिकी तेल टैंकरों पर हमला किया। माना जा रहा है कि ईरान अब होर्मुज जलडमरूमध्य से आगे बढ़कर पूरे फारस की खाड़ी में समुद्री गतिविधियों को निशाना बना रहा है, जिससे अमेरिका और इज़राइल पर दबाव बढ़ सकता है।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, इराकी बंदरगाह अधिकारियों ने बताया कि बसरा बंदरगाह पर खड़े दो तेल टैंकरों में आग लग गई। इस घटना में कम से कम एक विदेशी चालक दल के सदस्य की मौत हो गई, जबकि 38 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।

दोनों टैंकरों में लगी भीषण आग

कुवैत की सीमा के पास स्थित बसरा बंदरगाह फारस की खाड़ी का सबसे गहरा क्षेत्र माना जाता है। यह होर्मुज जलडमरूमध्य से करीब 800 किलोमीटर दूर है, जिसे हालिया हवाई हमलों के बाद ईरान ने अवरुद्ध करने की धमकी दी थी। जिन जहाजों को निशाना बनाया गया, वे माल्टा और मार्शल द्वीप समूह में पंजीकृत थे। आग लगने के समय दोनों जहाज एक-दूसरे के पास लंगर डाले खड़े थे। सोशल मीडिया पर आधी रात को इन दोनों टैंकरों में लगी भीषण आग के वीडियो भी वायरल हुए। हादसे के कारण तेल समुद्र में फैल गया, जिससे आग आसपास के इलाकों तक फैलने की आशंका बढ़ गई।

हालांकि इराकी अधिकारियों ने हमलावर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरानी जहाजों द्वारा विस्फोटक लगाकर हमला किए जाने का संदेह है।

इराकी जलक्षेत्र में हुआ हमला

इस घटना के बाद बचाव दल तलाशी अभियान चला रहे हैं और बसरा बंदरगाह से कच्चे तेल के परिवहन को फिलहाल पूरी तरह रोक दिया गया है। इराकी सैन्य अधिकारियों ने इसे देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है, क्योंकि हमला इराकी जलक्षेत्र में हुआ। अमेरिका और इज़राइल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने पहले मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। अब वह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करने के लिए जहाजों और बंदरगाह सुविधाओं को भी लक्ष्य बना रहा है।

होर्मुज में भी हमले कर रहा ईरान

इससे पहले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास इज़राइल, थाईलैंड और जापान से जुड़े चार विदेशी जहाजों पर हमला किया। संगठन का कहना था कि इन जहाजों ने उसकी नौसेना की चेतावनियों को नजरअंदाज किया था।

इसके अलावा, ओमान के सलालाह बंदरगाह पर एक ईंधन भंडारण टैंक पर ईरान निर्मित शाहेद ड्रोन से हमला किया गया, जिससे वहां भी आग लग गई। यह बंदरगाह होर्मुज जलडमरूमध्य से लगभग 850–950 किलोमीटर दूर स्थित है। ओमान के अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने में समय लग सकता है।

दक्षिणी इराक में स्थित देश के सबसे बड़े तेल क्षेत्र मजनून तेल क्षेत्र पर भी ड्रोन से हमला किए जाने की खबर है। ईरान की सैन्य समन्वय संस्था खतम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय ने राज्य टीवी के माध्यम से बयान जारी कर कहा कि अमेरिका, इज़राइल और उनके सहयोगियों से जुड़े या उनका तेल ढोने वाले किसी भी जहाज को वैध लक्ष्य माना जाएगा।

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