Iran Missile Drill: इजरायल के साथ 12 दिन चले संघर्ष के बाद ईरान की नौसेना ने पहली बार बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास किया है। स्टेट टीवी की रिपोर्ट के अनुसार इस अभ्यास का नाम “सस्टेनेबल पावर 1404” रखा गया है। इस दौरान ईरानी नौसेना ने केवल एक मिनट में 11 मिसाइलें दागीं।
ये मिसाइलें ओमान की खाड़ी और हिंद महासागर में समुद्री लक्ष्यों को निशाना बनाकर दागी गईं। 12 दिन लंबे युद्ध में इजरायल ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचाया और कई परमाणु स्थलों को भी निशाना बनाया। ऐसे में इस सैन्य अभ्यास को ईरान की शक्ति प्रदर्शन और विरोधियों के लिए चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।
राज्य टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौसेना के युद्धपोत आईआरआईएस सबलान और आईआरआईएस गनावेह ने नासिर और कादिर क्रूज मिसाइलें दागीं, जो अपने लक्ष्यों को भेदने में सफल रहीं। इसके अलावा, तटीय बैटरियों से भी मिसाइलें दागी गईं और ड्रोन के माध्यम से समुद्री लक्ष्यों पर हमला किया गया। यह अभ्यास ओमान की खाड़ी और उत्तरी हिंद महासागर के इलाके में संपन्न हुआ।
पिछले महीने ईरान और रूस ने “कसारेक्स 2025” नामक संयुक्त सैन्य अभ्यास किया था। अब ईरान ने दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में अकेले अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल शक्ति दिखाने की रणनीति नहीं है, बल्कि इजराइल को यह संदेश देने के लिए है कि ईरान अब भी जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है।
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इजरायल और अमेरिका के हालिया हमलों के बाद, ईरान ने वॉशिंगटन के साथ चल रही परमाणु वार्ताओं को रोक दिया है। इसके बावजूद, ईरान ने यह स्पष्ट किया है कि वह संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी के साथ अपने संबंध पूरी तरह से समाप्त नहीं करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल अजीज नसीरजादेह ने बताया कि देश की सेनाओं को नई मिसाइलों से लैस कर दिया गया है और उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी दुश्मन की नई चुनौती का ईरान तुरंत और कड़ा जवाब देगा।