Iran New Conditions US Talks Lebanon Ceasefire: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में कल होने वाली अमेरिका और ईरान की शांति वार्ता से ठीक पहले तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। जहां एक ओर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शांति का रोडमैप लेकर पाकिस्तान के लिए रवाना हो चुके हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान ने अचानक दो ऐसी शर्तें रख दी हैं जिन्होंने पूरी कूटनीतिक प्रक्रिया को अधर में लटका दिया है।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर गालिबाफ, जो इस वार्ता में ईरान का नेतृत्व कर सकते हैं, ने स्पष्ट किया है कि बातचीत की मेज पर बैठने से पहले अमेरिका को दो महत्वपूर्ण काम करने होंगे। गालिबाफ के अनुसार, पहली शर्त लेबनान में तुरंत युद्धविराम लागू करना है और दूसरी शर्त अमेरिका द्वारा जब्त की गई ईरानी संपत्तियों को रिलीज करना है। गालिबाफ ने दो टूक शब्दों में कहा कि इन शर्तों के पूरा हुए बिना कोई भी बातचीत संभव नहीं होगी।
एक तरफ कूटनीतिक खींचतान चल रही है तो दूसरी तरफ ईरान की सेना ने सैन्य मोर्चा संभाल लिया है। खात्म अल-अनबिया मुख्यालय ने चेतावनी दी है कि ईरानी सेना पूरी तरह तैयार है और उनकी 'ट्रिगर पर उंगली' है। ईरान ने साफ किया है कि यदि लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले जारी रहे, तो वह एक अत्यंत 'दर्दनाक जवाब' देगा। इसके अलावा, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर अपनी रणनीति को एक नए और कड़े स्तर पर ले जाने का ऐलान किया है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस मिशन को लेकर आशा व्यक्त की है, लेकिन उन्होंने ईरान को किसी भी प्रकार की 'धोखाधड़ी' के खिलाफ आगाह भी किया है। वेंस ने बताया कि उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश मिले हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि यदि ईरान ईमानदारी से मेज पर आता है तो अमेरिका सहयोग करेगा लेकिन किसी भी प्रकार की 'चालबाजी' की स्थिति में अमेरिकी टीम बेहद कड़ा रुख अपनाएगी।
यह भी पढ़ें:- IDF का अपमान करने वाले… नेतन्याहू ने दी पाकिस्तान समेत इन देशों को आखिरी चेतावनी, जानें क्या है वजह
फिलहाल स्थिति यह है कि जेडी वेंस तो इस्लामाबाद के लिए निकल चुके हैं लेकिन ईरानी डेलिगेशन के वहां पहुंचने को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। ईरान की इन नई शर्तों ने न केवल इस बैठक की सफलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि मध्य पूर्व में एक बार फिर युद्ध की चिंगारी को हवा दे दी है।