त्योहारों के रंग में रंगा देश, PM मोदी और अन्य नेताओं ने दी ओणम और ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की बधाई

PM Modi Greets On Eid And Onam: प्रधानमंत्री मोदी समेत कई प्रमुख नेताओं ने देशवासियों को ओणम और ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की शुभकामनाएं दीं और समाज में शांति, एकता तथा आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
PM Modi Onam and Eid-e-Milad-un-Nabi greetings post on X
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीसोर्स- सोशल मीडिया
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PM Modi Twitter Post On Onam And Eid: भारत विविधताओं और त्योहारों का देश है, जहां हर पर्व आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करता है। हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ओणम और ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि ओणम एक जीवंत और शानदार त्योहार है, जिसे पूरी दुनिया में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कामना की कि यह पावन अवसर सभी के जीवन में खुशी, एकजुटता और समृद्धि की भावना को और अधिक बढ़ाए।

इसी तरह, पीएम मोदी ने मिलाद-उन-नबी के अवसर पर भी देश को बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा, "मिलाद-उन-नबी की बधाई। मुझे उम्मीद है कि यह अवसर हमारे आस-पास एकता और खुशियां बढ़ाएगा। दया और समाज के प्रति योगदान की भावना हमेशा हमारा मार्गदर्शन करे।"

राष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रियों ने भी बढ़ाया त्योहारों का उत्साह

इस पावन अवसर पर देश के अन्य प्रमुख नेताओं ने भी जनता को बधाई संदेश भेजे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ओणम पर बधाई देते हुए सामाजिक सद्भाव और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

वहीं, ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के मौके पर देश के कई नेताओं ने अपनी शुभकामनाएं साझा कीं:

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बधाई देते हुए कामना की कि यह अवसर सभी के लिए शांति और समृद्धि लेकर आए तथा समाज में आपसी सद्भाव मजबूत हो।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस पावन पर्व पर सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने करुणा, दया और समाज के वंचितों के प्रति सेवा के भाव पर जोर देते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सभी के जीवन में अमन, भाईचारा और प्रेम की भावना मजबूत होने की कामना की।

भारतीय सेना के अध्यक्ष जनरल धीरज सेठ और सेना के सभी रैंकों की ओर से भी समस्त देशवासियों को इस शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं।

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आखिर क्यों मनाया जाता है यह त्योहार?

ओणम मुख्य रूप से केरल का एक प्रमुख पारंपरिक पर्व है, जो फसल की कटाई और मलयाली संस्कृति से जुड़ा हुआ है। यह त्योहार हर साल अगस्त-सितंबर (मलयालम कैलेंडर के चिंगम मास) में 10 दिनों तक मनाया जाता है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस त्योहार का सीधा संबंध असुर राज महाबली से है। राजा महाबली अत्यंत दयालु और दानवीर राजा थे, जिन्हें उनकी प्रजा बहुत मानती थी। भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण कर महाबली को पाताल लोक भेज दिया था। हालांकि, महाबली की सच्ची भक्ति और उदारता से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान दिया कि वे साल में एक बार अपनी प्रजा से मिलने धरती पर आ सकते हैं। इसी खुशी में केरलवासी हर साल राजा महाबली के स्वागत के लिए ओणम मनाते हैं।

पूकलम से लेकर ओणम साध्या तक

10 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में कई तरह के पारंपरिक और मनमोहक रंग देखने को मिलते हैं। ओणम के पहले दिन (अथम) से ही लोग अपने घरों के आंगन को फूलों की खूबसूरत रंगोलियों (पूकलम) से सजाना शुरू कर देते हैं, जिसका आकार प्रतिदिन बढ़ता जाता है।

ओणम साध्या (महाभोज) ओणम का सबसे मुख्य आकर्षण है। इसमें केले के पत्ते पर पारंपरिक रूप से 25 से 30 प्रकार के स्वादिष्ट शाकाहारी व्यंजन परोसे जाते हैं।

इस त्योहार के दौरान केरल में प्रसिद्ध नौका दौड़ (वल्लम कली), पुलीकली (बाघ नृत्य) और विभिन्न पारंपरिक लोक नृत्यों का भव्य आयोजन किया जाता है, जो पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र होते हैं।

यह सुंदर संगम दर्शाता है कि कैसे भारत के विभिन्न कोने त्योहारों के जरिए एकता, शांति और करुणा के धागे में पिरोए हुए हैं।

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