ईरान में हिजाब विवाद (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

दौड़ो मगर हिजाब में: मैराथन में बिना दुपट्टे दौड़ी महिलाएं, ईरान में फिर भड़का विवाद

Iran Marathon Controversy: ईरान में हिजाब विवाद फिर भड़क उठा है। किश द्वीप पर मैराथन में बिना हिजाब दौड़ीं महिलाओं की तस्वीरें वायरल होने पर सरकार ने दो आयोजकों को गिरफ्तार किया।

प्रिया सिंह

Iran Women Hijab Marathon Issue: ईरान में हिजाब को लेकर तनाव फिर से बढ़ गया है। किश द्वीप पर आयोजित एक मैराथन में बिना हिजाब दौड़ती महिलाओं की तस्वीरें सामने आते ही विवाद खड़ा हो गया। सरकारी आदेश पर कार्यक्रम के दो आयोजकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की आजादी और सरकारी पाबंदियों की बहस को तेज कर दिया है।

ईरान में हिजाब विवाद फिर से भड़का

ईरान में हिजाब पहनने को लेकर नया विवाद सामने आया है। किश द्वीप पर आयोजित एक बड़ी मैराथन में कई महिलाएं बिना हिजाब या दुपट्टे के दौड़ती हुई दिखाई दीं, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। तस्वीरों के वायरल होते ही ईरान सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए मैराथन के दो आयोजकों को गिरफ्तार कर लिया। न्यायपालिका की तरफ से बयान जारी करते हुए कहा गया कि कार्यक्रम में नियमों का उल्लंघन हुआ है और सार्वजनिक शालीनता से समझौता किया गया।

मैराथन में हजारों प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

यह मैराथन ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित किश आइलैंड पर आयोजित हुई थी। इसमें लगभग 2000 महिलाओं और 3000 पुरुषों ने भाग लिया। तस्वीरों में लाल टी-शर्ट पहने हुए कई महिला प्रतिभागी बिना हिजाब दिखाई दीं, जिसके बाद धार्मिक कट्टरपंथी समूहों सहित कई लोगों ने नाराजगी जताई। वहीं दूसरी ओर, हिजाब का विरोध करने वाले कार्यकर्ता इसे महिलाओं की स्वतंत्रता की ओर एक साहसिक कदम मान रहे हैं।

सरकार ने बताया धार्मिक मूल्यों का उल्लंघन

किश के लोक अभियोजक के अनुसार, यह घटना देश की सांस्कृतिक और धार्मिक सीमाओं को चुनौती देती है। उनका कहना है कि कार्यक्रम का आयोजन तरीके से नहीं किया गया और सार्वजनिक मर्यादा का उल्लंघन हुआ। इसी कारण आयोजकों पर कानूनी कार्रवाई की गई है।

मामला क्यों है संवेदनशील

ईरान में हिजाब का मुद्दा लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। यह मुद्दा 2022 में उस समय बेहद संवेदनशील हो गया था, जब 22 वर्षीय महसा अमीनी की मौत पुलिस हिरासत में हुई थी। उन पर ड्रेस कोड पालन न करने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद पूरे देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे और समान अधिकारों की मांग तेज हो गई थी।

महिलाओं की आजादी पर नई बहस

कई सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह घटना ईरान में महिलाओं की स्वतंत्रता के संघर्ष का नया अध्याय है। उनका कहना है कि खेल जैसे आयोजनों में महिलाओं की भागीदारी पर रोक लगाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। वहीं सरकार का कहना है कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Explainer: कब-कब विवादों में घिरे धीरेंद्र शास्त्री? 10 बयानों पर हुआ विरोध, कई बार मांगनी पड़ी माफी

Diwali Trains: मुंबई-नागपुर के बीच 12 और स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, 4 नवंबर से शुरू होगी बुकिंग; जानिए शेड्यूल

राहुल ने PM मोदी को दी खुली चुनौती: बोले- डरिए मत, मंच पर आमने-सामने बैठिए; राजनाथ-समेत 4 नेताओं से की अपील

SIR: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब तो भी भर सकेंगे फॉर्म-6, चुनाव आयोग ने दी बड़ी राहत

दिवाली-छठ पर यूपी-बिहार वालों को ट्रेनों में मिल सकता है कन्फर्म टिकट, रेलवे चला रहा करीब 2,000 स्पेशल ट्रेनें