2025 में पत्रकारों की हत्या (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

पत्रकारों के लिए काल बना साल 2025: दुनिया भर में 128 की हत्या, गाजा बना सबसे बड़ा डेथ जोन

Media Safety: IFJ की रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 में 128 पत्रकारों की हत्या हुई। गाजा में सबसे ज्यादा 56 मौतें दर्ज की गईं, जबकि दुनिया भर की जेलों में वर्तमान में 533 पत्रकार कैद हैं।

प्रिया सिंह

IFJ Report Journalist Deaths 2025: इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (IFJ) की नवीनतम रिपोर्ट ने वैश्विक मीडिया जगत को झकझोर कर रख दिया है। वर्ष 2025 पत्रकारों के लिए इतिहास का सबसे खूनी साल साबित हुआ है, जिसमें दुनिया भर में 128 मीडिया कर्मियों ने अपनी जान गंवाई। रिपोर्ट के अनुसार, युद्धग्रस्त गाजा और पश्चिम एशिया पत्रकारों के लिए सबसे घातक क्षेत्र बनकर उभरे हैं, जहां प्रेस की स्वतंत्रता को हिंसा के जरिए कुचलने का प्रयास किया गया। वर्तमान में न केवल हत्याएं बढ़ी हैं, बल्कि दुनिया भर की जेलों में कैद पत्रकारों की संख्या भी डराने वाली है।

पश्चिम एशिया में पत्रकारों का कत्लेआम

साल 2025 में हुई कुल मौतों में से 58 प्रतिशत अकेले पश्चिम एशिया और अरब देशों में दर्ज की गईं, जहां 74 पत्रकारों की हत्या हुई। केवल फलस्तीन में ही 56 मीडिया कर्मियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा, जो इस क्षेत्र की भयावहता को दर्शाता है। अल-जजीरा के पत्रकार अनस अल-शरीफ की हत्या इस साल की सबसे दुखद घटनाओं में से एक रही।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र और जेलों का हाल

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 15 पत्रकारों की मौत हुई, लेकिन यहां की असली चिंता पत्रकारों का जेल में होना है। दुनिया भर में कैद 533 पत्रकारों में से 277 इसी क्षेत्र की जेलों में बंद हैं, जिनमें चीन सबसे आगे है। चीन और हांगकांग में इस समय 143 पत्रकार सलाखों के पीछे हैं, जो प्रेस सेंसरशिप का कड़ा उदाहरण है।

भारत और पड़ोसी देशों की स्थिति

रिपोर्ट के मुताबिक भारत और पेरू में चार-चार पत्रकारों की हत्या हुई, जबकि पाकिस्तान और मेक्सिको में तीन-तीन पत्रकारों को निशाना बनाया गया। यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच भी आठ पत्रकारों ने रिपोर्टिंग के दौरान अपनी शहादत दी। इन आंकड़ों ने साबित कर दिया है कि लोकतांत्रिक देशों में भी पत्रकारों की सुरक्षा अब एक गंभीर चुनौती बन गई है।

आईएफजे की सख्त चेतावनी और मांग

आईएफजे के महासचिव एंथनी बेलांजर ने इन आंकड़ों को एक 'वैश्विक संकट' करार देते हुए सरकारों से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को सिर्फ उनका कर्तव्य निभाने के लिए मारना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। संगठन ने हत्यारों को सजा दिलाने और प्रेस की आजादी को हर हाल में सुरक्षित करने के लिए सख्त कानून बनाने की अपील की है।

17 हजार फीट की ऊंचाई पर IndiGo विमान पर गिरी बिजली, पायलट ने कराई सुरक्षित लैंडिंग

फिल्म हनुमान अंश से कैंची धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, बढ़ती भीड़ बनी खतरा; भक्तों की सुरक्षा बड़ी चुनौती

दो दिन, दो हिरासत और धरना प्रदर्शन...राहुल गांधी के अभियान में अब आगे क्या? खुद बताया

INDIA Alliance: कांग्रेस का हल्ला बोल, कल मनाएगी काला दिन; ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगी जंग

INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन पर BJP का पलटवार! सुधांशु त्रिवेदी बोले- निहायत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय