बांग्लादेश में भारतीय अधिकारियों ने की जमात के साथ सीक्रेट मीटिंग! चीफ ने बताया क्या हुई डील

India Bangladesh Relations: जमात-ए-इस्लामी ने भारतीय अधिकारियों से गुप्त बैठकें होने की रिपोर्ट्स खारिज की। शफीकुर रहमान ने कहा, बैठक भारतीय अनुरोध पर गुप्त रखी गई।
indian officials Meeting with Jamaat e Islami
जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Indian officials Meeting with Jamaat e Islami: बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी ने हाल ही में उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि उन्होंने भारतीय अधिकारियों के साथ गुप्त बैठकें की थीं। जमात ने दावा किया कि भारतीय अधिकारियों के कहने पर ही इन बैठकों को सार्वजनिक नहीं किया गया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध कुछ तनावपूर्ण हैं।

जमात के प्रमुख शफीकुर रहमान ने मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया कि उन्होंने इस साल भारतीय डिप्लोमैट से मुलाकात की थी। उन्होंने बताया कि यह मुलाकात उनकी बायपास सर्जरी के बाद हुई थी। रहमान ने कहा कि अन्य देशों के डिप्लोमैट भी उनसे मिलने आए थे, लेकिन भारतीय अधिकारी ने बैठक को गुप्त रखने की सलाह दी थी।

क्यों हुई जमात और भारतीय अधिकारियों की बैठक?

रहमान ने सवाल उठाया कि जब कई डिप्लोमैट उनसे मिल रहे थे और कुछ मुलाकातों को सार्वजनिक किया गया था, तो इस बैठक को गुप्त रखने में परेशानी क्या थी। उन्होंने कहा, "हमें सभी देशों के लिए और सभी के साथ रास्ता खुला रखना चाहिए। हमारे संबंधों को बेहतर बनाने का इससे बेहतर कोई तरीका नहीं है।"  इस बयान के बाद भी भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। रिपोर्ट में भारत सरकार के सूत्रों के हवाले से कहा गया कि विभिन्न पार्टियों से संपर्क साधा जा रहा था। इसकी सबसे बड़ी वजह बांग्लादेश और पाकिस्तान की करीबियों को माना जा रहा है। भारत इसे अपनी  सुरक्षा मानता है। यही कारण है कि सरकार बांग्लादेश से अपने रिश्ते सुधारने और आम चुनाव में हिस्सा लेने वाली पार्टियों से अपने संपर्क साधने  के प्रयास कर रही है।

पाकिस्तान के साथ जमात का रुख क्या है?

रिपोर्ट के मुताबिक, जमात आम सहमति वाली सरकार में शामिल होने के लिए तैयार है। बांग्लादेश में आगामी 12 फरवरी को आम चुनाव होने वाले हैं। यह कदम राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

शफीकुर रहमान ने पाकिस्तान के साथ संबंधों पर सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वे सभी देशों के साथ संतुलित संबंध चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जमात ने कभी भी किसी एक देश के पक्ष में झुकाव नहीं दिखाया। उनका कहना है कि वे सभी राष्ट्रों का सम्मान करते हैं और संतुलित अंतरराष्ट्रीय रिश्तों को प्राथमिकता देते हैं।

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