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ट्रंप ने वोटर फ्रॉड की जानकारी देने पर 10 लाख डॉलर के इनाम की घोषणा की।
इनाम के लिए जानकारी के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि की शर्त रखी गई है।
अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव होने हैं, जिनसे कांग्रेस में बहुमत की तस्वीर साफ होगी।
Donald Trump Voter Fraud Reward: अमेरिका में 3 नवंबर को होने जा रहे मध्यावधि चुनाव (Mid-term elections) से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि चुनाव में वोटर फ्रॉड यानी मतदान में गड़बड़ी की जानकारी देने वाले व्यक्ति को 10 लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम दिया जाएगा।
हालांकि, इसके लिए शर्त रखी गई है कि दी गई जानकारी के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी हो और उसे दोषी ठहराया जाए। ट्रंप ने यह घोषणा ऐसे समय की है, जब अमेरिका में चुनावी प्रक्रिया और संसद पर नियंत्रण को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर इनाम की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों या 2026 के मिडटर्म चुनाव में वोटर फ्रॉड से जुड़ी ऐसी जानकारी देने वाले व्यक्ति को 10 लाख डॉलर दिए जाएंगे, जिससे आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि हो सके। हालांकि, ट्रंप ने यह नहीं बताया कि इनाम की रकम कहां से आएगी और इसे देने की प्रक्रिया क्या होगी।
दरअसल अमेरिका में 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव (Mid-term elections) चुनाव होने हैं। जिसमें हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और सीनेट की करीब एक-तिहाई सीटों के लिए मतदान होगा। इन चुनावों से तय होगा कि अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में किस पार्टी को बहुमत मिलता है।
यह चुनाव ट्रंप प्रशासन के लिए काफी अहम माना जा रहा है। अगर डेमोक्रेटिक पार्टी बेहतर प्रदर्शन करती है, तो ट्रंप को अपनी नीतियां लागू कराने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, उनके प्रशासन के कामकाज की जांच भी तेज हो सकती है।
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप पहले भी अमेरिकी चुनावों में होने वाली गड़बड़ियों को लेकर मुद्दा उठाते आ रहें हैं। वह 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी दावा कर चुके हैं कि जीत उनकी हुई थी। हालांकि, उनके इस दावे के समर्थन में चुनावी नतीजों को पलटने लायक सबूत नहीं मिले थे। अब मिडटर्म चुनाव 2026 से पहले इनाम की घोषणा कर ट्रंप ने एक बार फिर वोटर फ्रॉड के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।
अमेरिका में राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच होने वाले चुनावों को मिडटर्म चुनाव कहा जाता है। इनके जरिए प्रतिनिधि सभा की सभी सीटों और सीनेट की करीब एक-तिहाई सीटों के लिए चुनाव होता है।
कई राज्यों और स्थानीय निकायों में भी इसी दौरान मतदान कराया जाता है। इन चुनावों के नतीजे बताते हैं कि जनता राष्ट्रपति और उनकी पार्टी के कामकाज से कितनी संतुष्ट है। संसद में बहुमत बदलने से सरकार की नीतियों और फैसलों पर भी असर पड़ सकता है।
तो वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाल के दिनों में अपने कई चुनावी वादों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। उन्होंने प्रस्ताव दिया था कि अगर रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत बरकरार रखती है, तो हर वयस्क अमेरिकी नागरिक को 5,000 डॉलर दिए जा सकते हैं।
इसके अलावा, उन्होंने उत्तरी कैरोलिना के एक सैन्य अड्डे के दूषित पानी से प्रभावित पूर्व सैनिकों के मुआवजे के मुद्दे को भी रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी जीत से जोड़कर पेश किया था। इन घोषणाओं के बीच अब सबकी नजर 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव और उसके नतीजों पर है।