Donald Trump UNGA Speech: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने अमेरिका की अर्थव्यवस्था, सेना, तकनीक और विदेश नीति समेत कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले से अधिक मजबूत स्थिति में है और दुनिया के सामने अमेरिकी नेतृत्व को लेकर अपना पक्ष रखा।
ट्रंप ने अपने संबोधन में ईरान को आतंकवाद का मुख्य पोषक बताते हुए उसके खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने ईरान के मौजूदा शासन पर भी तीखी टिप्पणी की और क्षेत्र में उसके प्रभाव की आलोचना की।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने UNGA संबोधन में ईरान की वर्तमान सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछले 51 सालों से ईरान की कट्टरपंथी सरकार ने खून-खराबे के जरिए शासन चलाया है।
ट्रंप के अनुसार ईरान ने पूरे मध्य पूर्व और उसके बाहर मौत, तबाही और अराजकता फैलाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ईरान पहले जिस तरह मध्य पूर्व में अपनी ताकत दिखाता था, अब उसकी मनमानी नहीं चलेगी।
ट्रंप ने दोहराया कि राष्ट्रपति बनने के पहले दिन से उनका रुख स्पष्ट रहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने सुरक्षा परिषद और जहाजों पर हमलों की निंदा करने वाले प्रस्ताव का भी जिक्र किया। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नौसेना की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिकी नौसेना लगातार जहाजों को सुरक्षा प्रदान कर रही है।
ट्रंप ने ईरान के साथ आगे के विकल्पों पर भी बात की। उन्होंने सवाल उठाया कि अमेरिका को ईरान के साथ समझौता करना चाहिए या इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ और कड़ा कदम उठाना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान के साथ नए कूटनीतिक समझौते की संभावना हो सकती है।
अपने संबोधन में ट्रंप ने दुनिया में जारी 8 बड़े युद्धों को रुकवाने का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि व्यापार और आयात शुल्क यानी टैरिफ के इस्तेमाल तथा टैरिफ की धमकी के जरिए कई संघर्षों को रोकने में मदद मिली।
इनमें भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तथा अर्मेनिया और अजरबैजान के बीच संघर्ष का भी जिक्र किया गया। ट्रंप ने इससे पहले भी भारत-पाकिस्तान तनाव को रोकने में टैरिफ की भूमिका का दावा किया है।
उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का विशेष रूप से जिक्र किया और कहा कि उन्हें एक पत्र मिला था, जिसमें 3 करोड़ से अधिक लोगों की जान बचाने के लिए धन्यवाद दिया गया था।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था और तकनीक की ताकत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना दुनिया में सबसे ताकतवर है और देश की तकनीक का कोई मुकाबला नहीं है।
वेनेजुएला का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिका के लिए खतरा बनने वाली ताकतों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अपने प्रशासन की नीतियों को अमेरिका को नए दौर में ले जाने वाला बताया।