बलूचिस्तान में BLA ने किया हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

बलूचिस्तान में गृहयुद्ध! 10 शहरों पर BLA का कब्जा, पुलिस चौकियां छोड़ भागे पाकिस्तानी सैनिक, 10 की मौत; VIDEO

BLA Balochistan Attack: बलूचिस्तान के 10 शहरों में BLA ने 'ऑपरेशन हीरोफ' के तहत भीषण हमला कर कब्जा कर लिया है। पाकिस्तानी सैनिक पोस्ट छोड़कर भाग रहे हैं, अब तक 10 जवानों की मौत की खबर है।

अमन उपाध्याय

BLA Balochistan Attack News In Hindi: पाकिस्तान के खनिज-समृद्ध प्रांत बलूचिस्तान में स्थिति बेकाबू हो गई है। 'बलूच लिबरेशन आर्मी' (BLA) ने एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू करते हुए बलूचिस्तान के कम से कम 10 महत्वपूर्ण शहरों पर कब्जा करने का दावा किया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, बलूचिस्तान की राजधानी क्विटा समेत कई इलाकों में पाकिस्तानी सुरक्षा बल अपनी चौकियां और पोस्ट छोड़कर भाग खड़े हुए हैं। स्थानीय वीडियो में देखा जा सकता है कि BLA के लड़ाके बाजारों में खुलेआम घूम रहे हैं और स्थानीय लोग तालियां बजाकर उनका स्वागत कर रहे हैं।

'ऑपरेशन हीरोफ' का दूसरा चरण

यह भीषण हमला BLA के ' Operation Herof' के दूसरे चरण का हिस्सा बताया जा रहा है। इस अभियान के तहत क्विटा, नोशकी, मस्तुंग, दल्बंदीन, कलात, खारान, ग्वादर, पासनी, टंप और बुलेदा जैसे शहरों को एक साथ निशाना बनाया गया है। BLA का दावा है कि उनके फिदायीन लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना और ISI के कैंपों पर सीधा हमला किया है। क्विटा में पुलिस स्टेशन पूरी तरह नष्ट कर दिए गए हैं और सड़कों पर खड़े वाहनों को तबाह कर दिया गया है। इस हिंसा में अब तक पाकिस्तान के 10 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।

देखें VIDEO-

ग्वादर पोर्ट के पास भीषण जंग

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ग्वादर पोर्ट के पास भी भीषण युद्ध छिड़ा हुआ है। यहां भारी गोलीबारी के साथ आसमान में काला धुआं उठता देखा गया है। इस बार की लड़ाई में विस्मयकारी बात यह है कि BLA की लड़ाकू महिलाएं भी ऑपरेशन में सक्रिय रूप से शामिल हैं। बलूच नेता सरदार अख्तर मेंगल ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में कभी ऐसी भयावह स्थिति नहीं देखी।

ठप पड़ी सेवाएं और मानवाधिकारों का संकट

हमलों के बाद पाकिस्तान प्रशासन ने क्विटा और आसपास के इलाकों में मोबाइल सेवाएं बंद कर दी हैं और ट्रेनों का संचालन निलंबित कर दिया गया है। अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित की गई है। गौरतलब है कि बलूचिस्तान दशकों से गरीबी, बेरोजगारी और मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों से जूझ रहा है।

स्थानीय विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में विद्रोहियों का शहरों पर कब्जा करना पाकिस्तानी सेना की बढ़ती कमजोरी और खुफिया विफलता को उजागर करता है। फिलहाल पूरा क्षेत्र युद्ध के मैदान में तब्दील हो चुका है और आगे और भी भयानक हिंसा की आशंका बनी हुई है।

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