शेख हसीना, फोटोः ( सो. सोशल मीडिया )  
विदेश

बांग्लादेश में भड़की भीषण हिंसा: शेख हसीना पर फैसले से पहले धमाके, आगजनी और हिंसक झड़पें

Bangladesh Crisis: शेख हसीना पर फैसले से पहले बांग्लादेश में हिंसा भड़की। ढाका समेत कई शहरों में आगजनी, धमाके और सड़क जाम हुए। हालात बिगड़ने पर सेना और बीजीबी तैनात की गई है।

प्रतीक पाण्डेय

Bangladesh Violence: पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मानवता विरोधी अपराधों के मामले में आज इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल फैसला सुनाएगा। इस फैसले से पहले राजधानी ढाका समेत कई जिलों में हिंसक झड़पें, आगजनी और धमाके हुए हैं, जिससे पूरे देश में तनाव और असुरक्षा का माहौल है।

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ दर्ज मानवता विरोधी अपराधों के मामले में आज आने वाले फैसले से पहले बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल तेज हो गई है। राजधानी ढाका से लेकर कई जिलों में हिंसक झड़पें, आगजनी, सड़क जाम और धमाके हुए हैं। फैसले को लेकर पैदा हुए तनाव ने पूरे देश में असुरक्षा का माहौल बना दिया है।

बांग्लादेश के कई हिस्सों में उग्र प्रदर्शन

फैसले से एक दिन पहले ही बांग्लादेश के कई हिस्सों में उग्र प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने कारों में आग लगाई, जगह-जगह कॉकटेल बम फोड़े और हाईवे पर पत्थर फेंककर रास्ते बंद कर दिए। हसीना की पार्टी अवामी लीग ने रविवार से दो दिन के देशव्यापी बंद का एलान किया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। ढाका में सड़कें सुनी दिखीं और कई इलाकों में पटाखानुमा धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं।

जुलाई 2024 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा है मामला

हालात बिगड़ते देख सरकार ने पुलिस के साथ-साथ सेना और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) को तैनात कर दिया है। बीजीबी कई हाईवे खाली करा रही है, ताकि आवागमन फिर से शुरू किया जा सके। यह मामला जुलाई-अगस्त 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित मानवता विरोधी अपराधों से जुड़ा हुआ है। इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (आईसीटी) आज इस पर फैसला सुनाने जा रहा है। सरकारी अभियोजकों ने न्यायाधिकरण से हसीना के लिए मृत्युदंड दिए जाने की अपील की है। हालांकि, शेख हसीना ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। यह ध्यान देने योग्य है कि जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन के बाद हसीना सरकार गिर गई थी और 5 अगस्त को वह भारत चली गई थीं। वर्तमान में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार चल रही है, जिसने अवामी लीग की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।

व्यापार और उद्योग जगत में चिंता

बांग्लादेश के उद्योग जगत ने मौजूदा राजनीतिक उथल-पुथल पर गहरी चिंता जताई है। बीजीएमईए के पूर्व अध्यक्ष क्वाजी मोनिरुज्जमान ने कहा कि हालात बेहद अस्थिर हैं और इससे व्यापार, सामाजिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था सभी प्रभावित हो रहे हैं। मोनिरुज्जमान ने चेतावनी दी कि यदि राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी तो बांग्लादेश का परिधान उद्योग सबसे बड़ा नुकसान झेलेगा। यह क्षेत्र देश की विदेशी मुद्रा आय का सबसे बड़ा स्रोत है और लाखों लोगों को रोजगार देता है, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की है। उन्होंने कहा कि लगातार अशांति से विदेशों के खरीदारों का भरोसा टूट सकता है, जिससे उद्योग गहरे आर्थिक संकट में जा सकता है।

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