Afghanistan-Pakistan Clash: अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए दावा किया कि पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ के बाद, अफगान सेना ने सीमावर्ती नूरिस्तान प्रांत में 28 चरमपंथियों को मार गिराया है। मंत्रालय का कहना है कि उन्हें "पाकिस्तानी मिलिशिया का समर्थन और बढ़ावा" मिला हुआ था। नूरिस्तान प्रांत के कामदेश जिले के आस-पास, पाकिस्तानी मिलिशिया के समर्थन और बढ़ावा देने पर, अशांति फैलाने और असुरक्षा पैदा करने के मकसद से दाइश (Daesh) से जुड़े कई समूहों और उपद्रवी तत्वों को डूरंड लाइन पार करके अफगान इलाके में भेजा गया।
अफगानिस्तान ने कहा की दुश्मन की इस खतरनाक साजिश का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार, देश की सतर्क सुरक्षा और रक्षा बलों ने उनके खिलाफ तेजी से कार्रवाई शुरू की। अफगानिस्तान ने इस ऑपरेशन में 28 को मार गिराया, जबकि 32 को जिंदा पकड़ लिया है। कई अन्य लोग भी डूरंड लाइन से पाकिस्तानी मिलिशिया के ठिकानों की ओर भाग गए। इसके उलट पाकिस्तान की सेना ने दावा किया है कि उसके सैनिकों ने पिछले 96 घंटों में दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में कई अभियानों के दौरान 71 से ज्यादा उग्रवादियों को मार गिराया है।
हाल के हफ्तों में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। सीमा पार झड़पों और पाकिस्तानी सेना द्वारा काबुल क्षेत्र पर किए गए हवाई हमलों ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच अपनी-अपनी सीमाओं पर आतंकवादी गतिविधियों को लेकर चल रहे विवाद को और बढ़ा दिया है। हालांकि, पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने अफगानिस्तान के दावों का खंडन किया है। पाकिस्तान ने कहा कि उसके सुरक्षा बलों या खुफिया एजेंसियों ने नुरिस्तान या अफगानिस्तान में कहीं और हुई झड़पों में हिस्सा लिया था।
इस्लामाबाद ने अफगानिस्तान के पूर्व सुरक्षा कर्मियों की भर्ती या उन्हें ट्रेनिंग देने, या इस्लामिक स्टेट या दूसरे चरमपंथी समूहों की मदद करने की बात से भी इनकार किया है। पाकिस्तान की ओर से कहा गया कि अफगानिस्तान ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया है, जैसे कि पहचान, दस्तावेज, बातचीत या फोरेंसिक सामग्री। सोशल मीडिया पर चल रहे उस वीडियो को भी खारिज कर दिया जिसे काबुल ने सबूत के तौर पर पेश किया था। पाकिस्तान का कहना था कि उस वीडियो में सिर्फ कुछ निहत्थे लोग दिख रहे थे और यह तालिबान सरकार की ओर से "पहले से तय वीडियो शूट" का हिस्सा था।