भारत ने अफगानिस्तान को भेजी दवाओं और चिकित्सा सामग्री की बड़ी खेप, मानवीय मदद जारी

India Afghanistan Aid: भारत ने अफगानिस्तान को काबुल स्थित सरकारी अस्पताल के लिए जीवन रक्षक दवाओं तथा चिकित्सा सामग्री की नई खेप भेजी है, जिससे वहां स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी।
India Afghanistan Medical Aid Assistance
भारत ने अफगानिस्तान को भेजी दवाएं और चिकित्सा सामग्री(सोर्स- सोशल मीडिया)
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India Afghanistan Medical Aid Assistance: भारत ने जिम्मेदार पड़ोसी का फर्ज निभाते हुए अफगानिस्तान को जीवन रक्षक दवाओं की नई खेप भेजी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 'X' पर काबुल में सहायता सामग्री पहुंचने की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि यह खेप काबुल के सरकारी अस्पताल के लिए भेजी गई है ताकि मरीजों को इलाज मिल सके। अफगान नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति भारत की यह मानवीय सहायता लगातार जारी है।

भारत का प्राथमिक उद्देश्य अफगान जनता को संकट में जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं और दवाएं उपलब्ध कराना है। द्विपक्षीय संबंधों के साथ यह मानवीय पहल वहां के आम नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान कर रही है।

काबुल सरकारी अस्पताल को जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति

विदेश मंत्रालय ने कहा कि अफगानिस्तान के लोगों के लिए भारत का मानवीय सहायता कार्यक्रम आगे बढ़ रहा है। हाल ही में काबुल पहुंचे सामान में सरकारी अस्पताल के लिए आवश्यक दवाएं और मेडिकल सामग्री शामिल हैं।

रणधीर जायसवाल ने कहा कि अफगान लोगों के लिए सहयोग में स्वास्थ्य सेवाएं सबसे महत्वपूर्ण रही हैं। इस आपूर्ति से काबुल के अस्पताल में मरीजों के इलाज में सुधार होगा और डॉक्टरों को मदद मिलेगी। भारत हमेशा से अफगान जनता को समय-समय पर तत्काल मेडिकल सहायता पहुंचाने में तत्पर रहा है।

पिछले दो महीनों अगस्त और सितंबर में भारत ने दवाइयों तथा उपकरणों की महत्वपूर्ण खेप काबुल भेजी थीं। 20 अगस्त को भी काबुल के सरकारी अस्पताल को जीवन रक्षक दवाइयों और चिकित्सा सामग्रियों की खेप सौंपी गई। इसके बाद सितंबर में भारत ने स्वास्थ्य मंत्रालय को दवाओं की एक और बड़ी खेप रवाना की थी।

मलेरिया और डेंगू से निपटने के लिए 16 मीट्रिक टन दवाएं

सितंबर में भेजी गई सहायता में मलेरिया, डेंगू व अन्य बीमारियों से निपटने की विशेष दवाएं शामिल थीं। भारत ने 16 मीट्रिक टन से अधिक दवाएं और डायग्नोस्टिक किट्स अफगान स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपी थीं।

इसका उद्देश्य मौसम में बदलाव के दौरान फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की समय पर रोकथाम करना था। डायग्नोस्टिक किट्स मिलने से स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बीमारियों की जांच और इलाज करना आसान हुआ है। इससे पहले जून महीने में भी भारत ने काबुल को 5 टन आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयां भेजी थीं।

22 मई को भारत ने काबुल को 20 टन वैक्सीन से जुड़ी जरूरी सामग्री रवाना की थी। इस खेप में बीसीजी और टीडी वैक्सीन की महत्वपूर्ण सामग्रियां शामिल थीं। इस आपूर्ति का उद्देश्य अफगान बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम को मजबूती देना था।

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मानवीय सहायता और द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि मानवीय सहायता का मुख्य उद्देश्य अफगान नागरिकों की सीधी मदद करना है। भारत का लक्ष्य स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ बनाना, बीमारियों को रोकना और आम लोगों की मदद करना है। मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध पुराने हैं और पिछले एक साल में मजबूत हुए हैं।

यह जुड़ाव कूटनीतिक बातचीत, मानवीय सहायता और विकास सहयोग के माध्यम से आगे बढ़ा है। भविष्य में भी अफगानिस्तान के साथ संबंध इन्हीं मानवीय प्राथमिकताओं के आधार पर आगे बढ़ते रहेंगे।

भारत का मानना है कि कठिन परिस्थितियों में अफगान जनता की मदद करना पड़ोसी धर्म का हिस्सा है। चिकित्सा सहायता की यह श्रृंखला दर्शाती है कि भारत संकट में अफगान नागरिकों के साथ खड़ा है। इन आपूर्तियों से अफगानिस्तान के स्वास्थ्य क्षेत्र को बहुत बड़ा सहारा मिला है।

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