ED Kolkata Money Laundering Raid: कोलकाता में ईडी ने बड़ा एक्शन लेते हुए मनी लॉन्ड्रिंग और पीडीएस मामले में 11 जगहों पर छापेमारी की। ED ने कोलकाता ज़ोनल ऑफिस ने 26 अप्रैल 26 अप्रैल को कोलकाता में 3 जगहों पर और तलाशी ली। यह तलाशी एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले के सिलसिले में की गई, जिसकी जांच सोना पप्पू, जय एस. कामदार, शांतनु सिन्हा बिस्वास (DCP) और अन्य लोगों के खिलाफ चल रही है।
ईडी की तलाशी के दौरान कल्याण शुक्ला और संजय कुमार कनोडिया की जगहों की जांच की गई, जिसके परिणामस्वरूप 10 लाख रुपये नकद, सोने के गहने, आपत्तिजनक दस्तावेज़ और डिजिटल डिवाइस ज़ब्त किए गए। जब्त किए गए दस्तावेजों से पता चलता है कि संदिग्ध व्यक्तियों और PEPs (राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों) के बीच बड़े पैमाने पर नकद लेन-देन हुआ है।
ईडी ने इसके अलावा, DCP शांतनु सिन्हा बिस्वास को जांच में शामिल होने के लिए समन जारी किया गया था, लेकिन वह अब तक ED के सामने पेश नहीं हुए हैं।
इससे एक दिन पहले 25 अप्रैल को ED, कोलकाता ज़ोनल ऑफिस ने PMLA, 2002 के तहत कोलकाता, हाबरा और बर्दवान में स्थित 11 जगहों पर तलाशी ली। यह तलाशी एक PDS घोटाले के मामले में निरंजन चंद्र साहा और अन्य लोगों से जुड़े ठिकानों पर की गई। तलाशी अभियान के दौरान, 18.4 लाख रुपये नकद, कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत मिले, जिन्हें जब्त किया गया।
यह भी पढ़ें - भय नहीं…भाजपा चाहिए! चुनाव प्रचार खत्म होते ही बंगाल के नाम PM मोदी का पत्र, लिखा- अब बदलाव होकर रहेगा
ईडी ने जानकारी दी कि ED कोलकाता जोनल ऑफिस, एसेट डिस्पोज़ल कमिटी (ADC) के साथ मिलकर, रोज़ वैली ग्रुप घोटाले के पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है। इसके तहत, अप्रैल 2026 तक फंड बांटने के 16 फेज पूरे हो चुके हैं और 1,73,350 पीड़ितों को 127.69 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
चिट फंड घोटालों में पीड़ितों को संपत्ति वापस दिलाने की जानकारी देते हुए ईडी ने बताया ED पश्चिम बंगाल में चल रहे अन्य चिट फंड घोटालों की भी जांच कर रहा है और बेकसूर पीड़ितों को उनकी संपत्ति जल्द से जल्द वापस दिलाने के लिए जरूरी कानूनी कदम उठा रहा है। ED, ADC की मदद से अपराध से हासिल संपत्ति (Proceeds of Crime) को सुरक्षित रखने, उसे बेचकर पैसे में बदलने और कानूनी हकदारों को पारदर्शी और तेज़ तरीके से वापस दिलाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।