सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी (सौजन्य-IANS) 
पश्चिम बंगाल

कूचबिहार से मालदा तक...बंगाल के 8 जिलों के TMC विधायकों के पास पहुंचा CM सुवेंदु का बुलावा, सियासी हलचल तेज

CM Suvendu Adhikari Siliguri Meeting: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अब तृणमूल सरकार के साथ हाथ मिलाने का फैसला कर लिया है। उन्होंने TMC के 8 विधायकों को खास न्यौता दिया है।

प्रिया जैस

CM Suvendu Adhikari Invites TMC Leaers: पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया मोड़ आते हुए नजर आ रहा है। सुवेंदु अधिकारी ने अब उत्तरी बंगाल के 8 जिलों के तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायकों को राजनीतिक शिष्टाचार के तौर पर न्यौता भेजा है। उन्होंने बुधवार को सिलीगुड़ी में होने वाली प्रशासनिक समीक्षा बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। यह बैठक मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में होगी।

सीएमओ के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी और बताया, "तृणमूल राज्य की एकमात्र विपक्षी पार्टी है जिसके उत्तरी बंगाल के 8 जिलों से चुने हुए विधायक हैं। इसलिए, मुख्यमंत्री कार्यालय से तृणमूल कांग्रेस के सभी 14 विधायकों को बैठक में शामिल होने का न्योता भेजा गया है।"

सुवेंदु अधिकारी के जोर देने पर दिया न्यौता

मिली जानकारी के अनुसार, टीएमसी के विपक्षी विधायकों को यह न्योता मुख्यमंत्री अधिकारी के जोर देने पर भेजा गया था। बताया जा रहा है कि वह एक मिसाल कायम करना चाहते थे कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनसेवा के मामलों में विपक्षी विधायकों को शामिल करना और उनसे सुझाव लेना एक जरूरी और अच्छी परंपरा है। राजनीतिक जानकारों की माने तो इस कदम के जरिए नए मुख्यमंत्री अपनी पूर्ववर्ती ममता बनर्जी को भी एक परोक्ष संदेश देना चाहते हैं। ममता बनर्जी की सरकार में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। ममता बनर्जी के 2011 से 2026 तक चले 15 साल के कार्यकाल के दौरान, मुख्यमंत्री के तौर पर उनके किसी भी सरकारी कार्यक्रम में विपक्षी पार्टी के एक भी विधायक को न्योता नहीं दिया गया था।

ममता सरकार ने परंपरा पर लगाई थी रोक

सरकारी कार्यक्रमों में विपक्षी विधायकों को न्योता देने की यह परंपरा पहले निभाई जाती थी। पिछले दो मार्क्सवादी मुख्यमंत्रियों, स्वर्गीय ज्योति बसु और स्वर्गीय बुद्धदेव भट्टाचार्य, के समय भी न्यौता दिया जाता था। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन के दौरान इस परंपरा को पूरी तरह से बंद कर दिया था, और अब राज्य में मौजूदा भाजपा की सरकार में इसे फिर से शुरू किया जा रहा है।

इन 8 जिलों के विधायकों दिया न्यौता

उत्तरी बंगाल के आठ जिलों से तृणमूल कांग्रेस के कुल 14 विधायकों में से एक कूचबिहार से, पांच उत्तरी दिनाजपुर से, दो दक्षिणी दिनाजपुर से और छह मालदा से हैं। उत्तरी बंगाल के बाकी चार जिलों, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार, से टीएमसी का एक भी विधायक नहीं है।

सिलीगुड़ी में प्रशासनिक समीक्षा बैठक में शामिल होने के बाद, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के देर दोपहर तक कोलकाता लौटेंगे। लौटने के बाद, उनके सीमा सुरक्षा बल (BSF) के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बैठक करने की संभावना है। इस बैठक में राज्य में बांग्लादेश से लगी उन सीमाओं पर कंटीले तार लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जमीन सौंपने की प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी, जहां अभी तक कोई बाड़ नहीं लगी है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

दिल्ली में धारा 163 लागू, जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ी, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज भी प्रदर्शन के आसार

Weather Today: जम्मू-मिजोरम से तमिलनाडु तक भारी बारिश, दिल्ली-UP में तेज हवाएं; इन राज्यों में रहेगा सूखा

पीएम मोदी के जनसेवा के 25 साल, देशभर में सेवा ज्योति के तहत कार्यक्रम; कार्यकर्ता को करेंगे संबोधित

Guru Gobind Singh Shaheedi Diwas: सिखों के 10वें गुरु गोविंद सिंह का शहीदी दिवस आज, पढ़ें उनकी गौरवगाथा

नेपाल जैसी स्थिति पैदा करने की साजिश... CJP प्रदर्शन पर बोलीं इन्फ्लुएंसर रिया खानोलकर