आरक्षण लूट! सपा के PDA पोस्टर ने हिला दी यूपी की सियासत, आंकड़ों के साथ खोली पोल, अब क्या करेगी BJP?

Samajwadi Party PDA Poster: समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक पोस्टर जारी किया है। सपा मुख्यालय के बाहर जारी इस पोस्टर ने यूपी की सियासत में हलचल मचा दी है।
samajwadi party pda poster
सपा मुख्यालय के बाहर पोस्टर (सौजन्य-एक्स)
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SP Manoj Paswan PDA Poster: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के मुख्यालय के बाहर एक बड़ा पोस्टर लगाया गया है। इस पोस्टर ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। सपा मुख्यालय के बाहर लगे इस पोस्टर में भाजपा सरकार पर पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) समाज के आरक्षण को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

इस पोस्टर के माध्यम से समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए दावा किया है कि प्रदेश में निकल रही विभिन्न सरकारी भर्तियों में ओबीसी, एससी और एसटी उम्मीदवारों के साथ धोखा किया जा रहा है। साथ ही दावा किया गया है कि आरक्षण के संवैधानिक नियमों का पालन नहीं हो रहा है। इस पोस्टर ने यूपी की राजनीति में हलचल मचा दिया है।

मनोज पासवान ने जारी किया पोस्टर

यह पोस्टर समाजवादी छात्र सभा के राष्ट्रीय महासचिव मनोज पासवान ने जारी किया। मनोज पासवान ने पोस्टर के जरिए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पीडीए समाज के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण का हक छीना जा रहा है और कई भर्तियों में ओबीसी, एससी और एसटी को संविधान के नियमानुसार आरक्षण नहीं दिया जा रहा है।

भाजपा सरकार पर आंकड़ों के साथ लगाए आरोप

समाजवादी पार्टी के मनोज पासवान ने इस पोस्टर में कई उदाहरण भी देते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती घोटाला है, जिसमें ओबीसी और एससी के आरक्षण की लूट का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि ओबीसी समुदाय को 27 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए था, लेकिन उन्हें मात्र 3.8 प्रतिशत ही आरक्षण ही दिया गया।

इसी प्रकार UPSSC प्राविधिक सहायक (विज्ञान एवं कृषि) भर्ती में कुल 3448 पदों पर एससी समुदाय को 21 प्रतिशत के हिसाब से 723 पद मिलने चाहिए थे, लेकिन सिर्फ 509 पद (14 प्रतिशत) ही दिए गए। वहीं ओबीसी को 930 पद मिलने चाहिए थे, लेकिन केवल 629 पद ही आवंटित किए गए। ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती में 1468 पदों पर ओबीसी को 27 प्रतिशत के अनुसार 396 पद मिलने चाहिए थे, जबकि उन्हें सिर्फ 139 पद दिए गए।

बांदा कृषि विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर भर्ती में मुख्यमंत्री की स्वजातीय उम्मीदवारों का चयन 80 प्रतिशत तक बताया गया है। पोस्टर में इसके अलावा यूपीपीएससी द्वारा ओबीसी, एससी/एसटी की ओवरलैपिंग खत्म करने, लेटरल एंट्री भर्ती, कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल, खंड शिक्षा अधिकारी परीक्षा 2019, विश्वविद्यालयों में एनएफएस आरक्षण और विश्वविद्यालयों के वीसी पदों पर 90 प्रतिशत गैर-पीडीए नियुक्तियों जैसे अनेक मुद्दों पर भी सवाल उठाए गए हैं। मनोज पासवान ने पोस्टर को सार्वजनिक करते हुए युवाओं से अपील की कि वे इन भर्ती घोटालों के खिलाफ आवाज उठाएं।

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