अरिजीत दास और ममता बनर्जी (सौजन्य-IANS) 
पश्चिम बंगाल

बंगाल में एक और TMC नेता गिरफ्तार, भ्रष्टाचार के लगे गंभीर आरोप, सियासी हलचल तेज

TMC Councilor Arijit Das Thakur Corruption Charges: पश्चिम बंगाल में सियासत तेज होती नजर आ रही है। राज्य में एक और तृणमूल कांग्रेस के एक और नेता को गिरफ्तार कर लिया गया है।

प्रिया जैस

TMC Councilor Arijit Das Thakur Arrest: पश्चिम बंगाल पुलिस ने कोलकाता नगर निगम (KMC) के एक और पार्षद को गिरफ्तार कर लिया है। पार्षद को जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किए गए केएमसी के तृणमूल पार्षदों की कुल संख्या अब तीन हो गई है।

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, कि गरफा पुलिस थाने के अधिकारियों ने मंगलवार रात वार्ड नंबर 106 के पार्षद अरिजीत दास ठाकुर को गिरफ्तार किया। उन पर स्थानीय प्रमोटरों और कारोबारियों को धमकाकर जबरन पैसे वसूलने का आरोप था।

पैसे वसूलने के लगे आरोप

एक लिखित शिकायत दर्ज की गई थी। इस शिकायत के अनुसार, वह लंबे समय से इलाके में निर्माण और व्यापार से जुड़े मामलों में दखल देकर पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे थे। शुरुआती जांच में सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गरफा पुलिस थाने के अधिकारियों ने पहले पार्षद को पूछताछ के लिए बुलाया। बाद में, लंबी पूछताछ के बाद उन्होंने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले मंगलवार को, पुलिस ने वार्ड नंबर 36 के तृणमूल कांग्रेस के पार्षद सचिन सिंह को गिरफ्तार किया था। लालबाजार (कोलकाता पुलिस मुख्यालय) के सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार पार्षद पर जबरन वसूली के आरोप हैं। मंगलवार दोपहर को नारकेलडांगा पुलिस थाना पुलिस आरोपी पार्षद सचिन को गिरफ्तार करने गई थी। उस समय, स्थानीय लोगों ने उनके घर के सामने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सचिन विरोधियों को धमकाने और पीटने में भी शामिल थे।

सचिन सिंह पर लगे चुनावी हिंसा के आरोप

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सचिन पर 2021 में बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद हुई चुनावी हिंसा में शामिल होने का आरोप था। उसी साल, उन्होंने पहली बार तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर केएमसी चुनाव जीता था। 23 मई को, ठाकुरपुकुर पुलिस ने कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 123 के तृणमूल पार्षद और बोरो नंबर 16 के चेयरमैन सुदीप पोले को जबरन वसूली के एक मामले में गिरफ्तार किया था।

गौरतलब है कि जब से राज्य में भाजपा की सरकार बनी है, तब से तृणमूल कांग्रेस के नेताओं से जुड़ी अवैध और आपराधिक गतिविधियों पर सख्ती बरती जा रही है। पुलिस असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने में सक्रिय रही है और अक्सर उन तृणमूल कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है जिन पर कानून तोड़ने के आरोप लगे हैं। पिछले एक महीने में, पूरे राज्य में तृणमूल के बड़ी संख्या में पार्षदों को भ्रष्टाचार और उगाही के आरोपों में पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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