TTE Uniform Misuse : सोशल मीडिया पर वायरल होने और ज्यादा व्यूज पाने की होड़ में लोग कई बार ऐसी हरकतें कर बैठते हैं, जो कानून और सुरक्षा दोनों के लिहाज से गंभीर हो सकती हैं। ऐसा ही एक मामला बिहार के पटना जंक्शन से सामने आया है, जहां एक व्लॉगर ने खुद को फर्जी टिकट चेकर (TTE) बनाकर स्टेशन पर घूमने और यात्रियों से पैसे लेने का वीडियो बनाया।
वीडियो में युवक दावा करता है कि वह यह देखने निकला है कि फेक TTE बनकर एक दिन में कितने पैसे कमाए जा सकते हैं। रेलवे की वर्दी जैसी ड्रेस पहनकर स्टेशन पर घूमते हुए उसने कई लोगों से बातचीत की और खुद ही बताया कि कुछ यात्रियों से उसने 200 और 500 रुपये तक लिए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो में युवक यह भी कहता नजर आता है कि स्टेशन पर असली TTE और पुलिस मौजूद होने के बावजूद लोग उसे असली अधिकारी समझ रहे थे। दिनभर की इस कथित 'कमाई' को दिखाते हुए उसने दावा किया कि उसे करीब 1200 रुपये मिले। वीडियो के आखिर में उसने मजाकिया अंदाज में लोगों से पूछा कि असली TTE एक दिन में कितना कमाता होगा।
हालांकि यह मजाक सोशल मीडिया यूजर्स और रेलवे अधिकारियों को पसंद नहीं आया। कई लोगों ने इसे सरकारी कर्मचारी का रूप धारण कर जनता को गुमराह करने वाला कृत्य बताया। लोगों का कहना है कि इस तरह के कंटेंट से रेलवे कर्मचारियों की छवि प्रभावित होती है और यात्रियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
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वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर रेलवे से कार्रवाई की मांग तेज हो गई। कई यूजर्स ने रेलवे अधिकारियों और RPF को टैग करते हुए जांच की मांग की। इसके बाद DRM दानापुर के आधिकारिक हैंडल ने मामले में संज्ञान लेते हुए कार्रवाई किए जाने की बात कही। बाद में अधिकारियों ने दावा किया कि इस प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई कर दी गई है और संबंधित व्यक्ति की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोग इसे सिर्फ मनोरंजन के लिए बनाया गया वीडियो बता रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में यूजर्स इसे गंभीर अपराध मानते हुए सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी अधिकारी या कर्मचारी का रूप धारण कर लोगों को भ्रमित करना कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है और कंटेंट क्रिएटर्स को ऐसे प्रयोगों से बचना चाहिए।