जमीन से उठाकर बेच दिए वड़ापाव; भुसावल स्टेशन पर वेंडर की करतूत देख दहल जाएगा दिल, देखें वायरल VIDEO

Bhusawal Unhygienic Food Vendor: भुसावल रेलवे स्टेशन से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जहाँ एक वेंडर प्लेटफॉर्म पर गिरे वड़ापाव को उठाकर यात्रियों को बेच रहा था। देखें वायरल वीडियो।
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जमीन पर गिरे वड़ानाव उठाता वेंडर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Bhusawal Railway Station Vada Pav Viral Video: भुसावल रेलवे स्टेशन से एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने रेल यात्रियों के मन में खौफ और घृणा पैदा कर दी है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि जिस वड़ा पाव को आप भूख लगने पर बड़े चाव से खरीदते हैं, वह कुछ पल पहले स्टेशन के गंदे, धूल भरे और हजारों पैरों से रौंदे गए प्लेटफॉर्म पर गिरा हुआ हो सकता है? एक सतर्क यात्री द्वारा अपने कैमरे में कैद की गई इस शर्मनाक और घिनौनी हरकत ने भारतीय रेलवे की स्वच्छता और सुरक्षा के दावों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

क्या है पूरा मामला?

यह चौंकाने वाली घटना महाराष्ट्र के जलगांव जिले के महत्वपूर्ण भुसावल रेलवे स्टेशन की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर स्थित एक खाद्य पदार्थ विक्रेता के हाथ से कुछ वड़े और पाव अनजाने में नीचे प्लेटफॉर्म पर गिर गए थे। नियमानुसार, स्वच्छता और स्वास्थ्य को देखते हुए इन खाद्य पदार्थों को तुरंत नष्ट कर दिया जाना चाहिए था। लेकिन, मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखकर उस विक्रेता ने उन गिरे हुए वड़ों को उसी गंदी जमीन से उठाया और उन्हें वापस बिक्री के लिए रखी ट्रे में सजा दिया।

वीडियो वायरल और विक्रता पर कार्रवाई

जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित हुआ, रेल यात्रियों और आम जनता के बीच भारी आक्रोश फैल गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मध्य रेलवे प्रशासन और रेल्वे सुरक्षा बल (RPF) तुरंत एक्शन मोड में आ गए। अधिकारियों ने स्टेशन पर लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की गहन जांच की, जिसमें स्पष्ट रूप से विक्रेता को जमीन से वड़े उठाते हुए देखा गया। साक्ष्यों के आधार पर आरपीएफ ने संबंधित विक्रेता को हिरासत में ले लिया है और उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए उस विशेष फूड स्टॉल को जांच पूरी होने तक बंद करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, स्टॉल के लाइसेंस धारक को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया है और संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनका लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी भी दी गई है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी वेंडर के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। साथ ही, स्टेशन के अन्य सभी अधिकृत विक्रेताओं को स्वच्छता के कड़े मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस घटना का सकारात्मक पहलू- सजग यात्री

यह घटना केवल एक नियम उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह मानवीय नैतिकता और भरोसे के टूटने की कहानी है। एक रेल यात्री लंबी यात्रा के दौरान रेल प्रशासन और वहां के वेंडरों पर अटूट विश्वास करके भोजन ग्रहण करता है। कुछ रुपयों के लालच में इस तरह का कृत्य उस भरोसे के साथ विश्वासघात है। हालांकि, इस घटना का एक सकारात्मक मानवीय पहलू उस सजग यात्री की भूमिका है, जिसने इस गलत काम को होते देख चुप रहने के बजाय उसे रिकॉर्ड किया और दुनिया के सामने लाया।

यह वायरल वीडियो हमें याद दिलाती है कि एक जिम्मेदार नागरिक की सतर्कता ही ऐसी व्यवस्थाओं में सुधार ला सकती है। रेलवे ने भी यात्रियों से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 139 का उपयोग करें, ताकि भविष्य में किसी के स्वास्थ्य के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो सके।

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