गंजारी क्रिकेट स्टेडियम का 98 फीसदी काम पूरा
अंडर-19 क्रिकेट टूर्नामेंट के आयोजन की तैयारी
अपनी वास्तुकला और डिजाइन के कारण चर्चा में स्टेडियम
Ganjari Stadium Ready: वाराणसी की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की झलक के साथ तैयार हो रहा वाराणसी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। गंजारी में निर्माणाधीन इस स्टेडियम का करीब 98 प्रतिशत कार्य पूरा होने की जानकारी सामने आई है। शेष निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। अब खेल प्रेमियों को इस भव्य स्टेडियम के उद्घाटन और यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मुकाबले शुरू होने का इंतजार है।
स्टेडियम के उद्घाटन को लेकर 2 दिसंबर की तारीख पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। हालांकि, उद्घाटन की तारीख को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। प्रस्तावित कार्यक्रम को अंतिम रूप देने से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के अध्यक्ष जय शाह और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के वाराणसी पहुंचने की संभावना है। दोनों पदाधिकारी 18 से 20 नवंबर के बीच गंजारी स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निरीक्षण कर सकते हैं। उनके दौरे को उद्घाटन की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वाराणसी के गंजारी में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पूर्वांचल के खेल ढांचे को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। स्टेडियम का निर्माण इस तरह किया जा रहा है कि इसमें आधुनिक खेल सुविधाओं के साथ काशी की सांस्कृतिक पहचान भी दिखाई दे। निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के बाद अब बचे हुए कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, स्टेडियम के उद्घाटन के लिए 2 दिसंबर की तारीख प्रस्तावित है। इसके साथ ही पास में स्थित सद्गुरु आई हॉस्पिटल के शुभारंभ को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। दोनों परियोजनाओं का उद्घाटन एक साथ कराने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा और उद्घाटन से संबंधित आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
स्टेडियम के निर्माण कार्यों का जायजा लेने के लिए ICC अध्यक्ष जय शाह और BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के वाराणसी दौरे की संभावना है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, दोनों पदाधिकारी 18 से 20 नवंबर के बीच गंजारी पहुंच सकते हैं। निरीक्षण के दौरान स्टेडियम में तैयार हो रही सुविधाओं, शेष निर्माण कार्यों और उद्घाटन से पहले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा सकता है।
स्टेडियम का लगभग 98 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद अब अंतिम चरण की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। परिसर में काशी की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाने वाले डमरू की आकृति से जुड़े शेष कार्यों को पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही स्टेडियम तक पहुंचने वाली सड़कों के निर्माण और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप देने की कोशिश की जा रही है।
जय शाह और राजीव शुक्ला का संभावित दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उद्घाटन के बाद यहां क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन शुरू करने की योजना है। ऐसे में निर्माण कार्यों के साथ-साथ मैचों के आयोजन के लिए आवश्यक तैयारियों का पूरा होना भी जरूरी है।
गंजारी स्थित इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के नाम को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। जानकारी के अनुसार, स्टेडियम के नाम के लिए चार से पांच विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक किसी नाम पर आधिकारिक मुहर लगने की पुष्टि नहीं हुई है।
काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए तैयार हो रहा यह स्टेडियम अपनी वास्तुकला और डिजाइन के कारण भी चर्चा में रहा है। डमरू जैसी आकृतियों और स्थानीय सांस्कृतिक प्रतीकों को निर्माण में शामिल करने का उद्देश्य इसे दूसरे क्रिकेट स्टेडियमों से अलग पहचान देना है। ऐसे में इसके नाम को लेकर होने वाला फैसला भी खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों के लिए उत्सुकता का विषय बना हुआ है।
स्टेडियम के उद्घाटन के साथ ही यहां क्रिकेट गतिविधियां शुरू होने की संभावना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिसंबर में अंडर-19 क्रिकेट टूर्नामेंट के दो चरणों के मुकाबले आयोजित करने की तैयारी है। पहला चरण 3 से 6 दिसंबर और दूसरा चरण 11 से 14 दिसंबर के बीच प्रस्तावित है।
यदि उद्घाटन 2 दिसंबर को होता है और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रतियोगिताएं शुरू होती हैं, तो स्टेडियम में उद्घाटन के अगले ही दिन से क्रिकेट गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इससे वाराणसी और आसपास के जिलों के युवा क्रिकेट खिलाड़ियों को बड़े मंच पर खेलने का अवसर मिलेगा। साथ ही स्थानीय खेल प्रेमियों को अपने शहर में उच्च स्तर के क्रिकेट मुकाबले देखने का मौका मिलेगा।
हालांकि, टूर्नामेंट के कार्यक्रम और मैचों की अंतिम पुष्टि संबंधित क्रिकेट संस्था की आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।
वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण पूर्वांचल के खेल ढांचे के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब तक बड़े क्रिकेट मुकाबलों के लिए क्षेत्र के दर्शकों को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। स्टेडियम में नियमित रूप से मैच आयोजित होने लगे तो वाराणसी को क्रिकेट के प्रमुख आयोजन स्थलों में शामिल करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
इस परियोजना से स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही खेल पर्यटन, होटल, परिवहन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। बड़े मुकाबलों के आयोजन से वाराणसी की पहचान धार्मिक पर्यटन के साथ खेल आयोजनों के केंद्र के रूप में भी मजबूत हो सकती है।
फिलहाल, स्टेडियम का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और दिसंबर में उद्घाटन तथा अंडर-19 मुकाबलों के आयोजन को लेकर तैयारियां चर्चा में हैं। अब सभी की निगाहें जय शाह और राजीव शुक्ला के संभावित निरीक्षण, उद्घाटन की आधिकारिक तारीख और स्टेडियम के नाम की घोषणा पर टिकी हैं।