

Gen Z Baba Spiritual Leader: साल 2026 खत्म होने के कगार पर है। इस साल Gen Z का ट्रेंड न सिर्फ राजनीति की दिशा में बढ़ा है बल्कि अब Gen Z Baba के नाम से प्रसिद्ध वृंदावन के भागवत कथावाचक श्री स्वामी शाश्वत आचार्य जी महाराज को लोगों द्वारा भरपूर प्यार दिया जा रहा है।
इंटाग्राम पर आजकल कब और कौन वायरल हो जाए, नहीं पता। इसी दिशा में 19 साल के शाश्वत आचार्य जी महाराज की रील्स भी वायरल हो रही है। लोग उनकी जिंदगी को जानने के लिए उत्सुक हैं कि वे इतनी कम उम्र में आखिर कथावाचक क्यों बने? उनकी जिंदगी की कहानी आज हर कोई जानना चाहता है।
वृंदावन के 19 वर्षीय जेन जी बाबा यानी शाश्वत आचार्य का जन्म एक संत परिवार में हुआ था। उनके पिता वृंदावन आचार्य जी महाराज खुद एक सिद्ध संत हैं। ऐसे में उनके घर में बचपन से ही भजन कीर्तन और शास्त्र अध्ययन का माहौल था।
ये बात उस समय की है जब शाश्वत 4 साल के थे। जिस उम्र में बच्चे खिलौने से खेलते हैं, उन्हें दुनियादारी की समझ नहीं होती। उस उम्र में वे भागवत गीता के श्लोकों का उच्चारण करते थे। कम उम्र में ही उन्होंने मच पर बैठकर छोटी-छोटी कथाएं और प्रवचन देना शुरू कर दिया था।
जैसे-जैसे ज्ञान बढ़ता गया, उनकी वाणी में भी मधुरता बढ़ती गई। अब कई लोग उनकी कथा सुनने आते हैं। आज 19 साल की उम्र में वे वृंदावन जिले के एक प्रतिष्ठित मंदिर श्री धाम गोदा विहार मंदिर के पीठाधीश्वर हैं, जो अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है। उनका जन्म 5 अगस्त, 2007 को वृंदावन में हुआ था।
शाश्वत आचार्य के मामा के मुताबिक, फिलहाल वे गिरिराज महाराज लॉ कॉलेज, मथुरा से बीए-एलएलबी कर रहे हैं। कथावाचन के दौरान वे अपने शांत स्वभाव, कंधे तक घुंघराले बाल, माथे तक चमकता वैष्णव तिलक और चेहरे पर अद्भुत तेज की वजह से जाने जा रहे हैं।
वृंदावन के प्रेमानंद महाराज आज भारत के कोने-कोने में प्रसुद्ध हैं। उनके प्रवचन सुनने बड़े-बड़े सेलिब्रिटी आते हैं। विराट कोहली, अनु्ष्का शर्मा आए दिए उनके दरबार में देखे जाते हैं। खास बात अब ये है कि लोगों ने 'Gen Z Baba'को भी भरपूर प्यार दिया है। जिसके बाद मजह 19 साल की उम्र में शाश्वत आचार्य आज लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं।