गेंदे की माला 10-20 रुपये से बढ़कर 60-90 रुपये तक पहुंची
कमल का फूल 10 रुपये से बढ़कर 50-60 रुपये का हुआ
और त्योहारों पर मांग बढ़ने से फूलों के दाम में उछाल आया है
Diwali Flower Market: दीपावली और छठ महापर्व के चलते काशी की फूल मंडियों में कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। त्योहारों पर घरों की सजावट और पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाले फूल इस बार लोगों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं।
हालात यह हैं कि सामान्य दिनों में 10 से 20 रुपये में मिलने वाली गेंदे की माला अब 60 से 70 रुपये और कई जगह 80 से 90 रुपये तक बिक रही है। वहीं, 10 रुपये में मिलने वाला कमल का फूल अब 50 से 60 रुपये में मिल रहा है।
वाराणसी की सबसे बड़ी फूल मंडी से पूरे पूर्वांचल में फूलों की आपूर्ति होती है। त्योहारों के बीच यहां फूलों के दाम में काफी तेजी आई है। गेंदे से लेकर गुलाब और कमल तक की कीमतें बढ़ गई हैं। इसका असर त्योहारों की खरीदारी पर भी दिखाई दे रहा है।
काशी की मंडी में सामान्य दिनों में गेंदे की माला 10 से 20 रुपये में मिल जाती थी। अब इसकी कीमत बढ़कर 60 से 70 रुपये हो गई है। कुछ जगहों पर यही माला 80 से 90 रुपये तक बिक रही है। कमल के फूल के दाम भी 10 रुपये से बढ़कर 50 से 60 रुपये तक पहुंच गए हैं।
गुलाब की माला भी महंगी हो गई है। पहले 50 से 60 रुपये में मिलने वाली गुलाब की माला अब 100 से 150 रुपये में बिक रही है। इसके अलावा फूलों की अलग-अलग प्रजातियों के दाम में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। कई फूल सामान्य दिनों के मुकाबले कई गुना महंगे हो गए हैं।
फूलों की कीमतें बढ़ने की एक बड़ी वजह मौसम भी है। बीते कई महीनों से हो रही बेमौसम बारिश के कारण फूलों की खेती प्रभावित हुई है। बारिश से किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा, जिससे मंडियों में फूलों की आवक कम हो गई।
दूसरी ओर धनतेरस, दीपावली और छठ के कारण फूलों की मांग बढ़ गई है। मांग अधिक और आपूर्ति कम होने से कीमतों में तेजी आई है।
फूलों का इस्तेमाल पूजा-पाठ, घरों की सजावट और त्योहारों की परंपराओं में बड़े स्तर पर होता है। ऐसे में कीमतें बढ़ने का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। इस बार लोगों को फूल और मालाएं खरीदने के लिए सामान्य दिनों के मुकाबले अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। त्योहारों की तैयारियों के बीच फूलों की बढ़ती कीमतों ने लोगों का बजट भी बढ़ा दिया है।