बेमौसम बारिश से किसानों की दिवाली फीकी! गड़चिरोली में कटी फसल भीगी; धान की फसल बर्बाद

Gadchiroli Unseasonal Rain Disaster: गड़चिरोली में 3 नवंबर को हुई बेमौसम बारिश से धान की कटी फसल भीग गई और खड़ी फसल जमीन पर गिर गई। छोटे व्यापारियों को भी नुकसान, पंचनामा और आर्थिक सहायता की मांग।
Gadchiroli Farmer Unseasonal Rain Crop Damage
गढ़चिरौली के किसान की बेमौसम बारिश से फसल को नुकसानसोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • 3 नवंबर को करीब एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से धान की फसल प्रभावित।

  • खेतों में काटकर रखी गई धान की फसल की ढेरियां पूरी तरह भीगीं।

  • तेज हवाओं के साथ बारिश से कटाई के लिए तैयार खड़ी फसल जमीन पर गिरी।

  • दिवाली के सामान और खाद्य पदार्थ बेचने वाले छोटे व्यापारियों को भी नुकसान।

  • किसानों और व्यापारियों ने नुकसान का पंचनामा कर आर्थिक सहायता देने की मांग की।

Gadchiroli Farmer Unseasonal Rain Crop Damage Diwali: गड़चिरोली जिले में 3 नवंबर को हुई बेमौसम बारिश ने किसानों और छोटे व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में काटकर रखी धान की फसल भीग गई, जबकि कटाई के लिए तैयार खड़ी फसल जमीन पर गिर गई। दिवाली के सामान बेचने वाले दुकानदारों को भी नुकसान हुआ है। प्रभावितों ने प्रशासन से पंचनामा कर आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

बारिश ने बिगाड़ा दिवाली का गणित

गड़चिरोली, दिवाली के त्योहार की तैयारियों के बीच जिले के किसानों पर मौसम की मार पड़ी है। 3 नवंबर को हुई बेमौसम बारिश ने धान उत्पादक किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। करीब एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण खेतों में काटकर सूखने के लिए रखी गई धान की फसल की ढेरियां पूरी तरह भीग गईं। वहीं, कटाई के लिए तैयार खड़ी फसल तेज हवाओं और बारिश के चलते जमीन पर गिर गई।

पहले से ही आर्थिक संकट का सामना कर रहे किसानों की परेशानी इस बारिश के बाद और बढ़ गई है। त्योहार के ठीक पहले हुई इस बारिश ने उनकी दिवाली की खुशियों पर भी पानी फेर दिया है।

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भीगी धान की फसल, गुणवत्ता पर असर

गड़चिरोली जिले के कई इलाकों में किसानों ने धान की कटाई शुरू कर दी थी। मेहनत से तैयार फसल काटकर खेतों में सुखाने के लिए रखी गई थी। अचानक हुई बारिश के कारण कटी हुई फसल की ढेरियां भीग गईं। इससे धान की गुणवत्ता खराब होने और उत्पादन की उपज पर असर पड़ने की आशंका है।

दूसरी ओर, खेतों में खड़ी कटाई योग्य धान की फसल तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण जमीन पर गिर गई। इससे कटाई का काम भी मुश्किल हो गया है। किसानों के सामने अब फसल को संभालने और समय पर कटाई पूरी करने की चुनौती खड़ी हो गई है।

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छोटे व्यापारियों को भी नुकसान

बेमौसम बारिश का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं रहा। दिवाली के अवसर पर सड़कों और फुटपाथों पर दुकानें लगाने वाले छोटे व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ा। अचानक हुई बारिश से कपड़े, सजावटी सामान, दिवाली की सामग्री, फराल के खाद्य पदार्थ और बिक्री के लिए रखी अन्य वस्तुएं भीग गईं।

त्योहार के दौरान अच्छे कारोबार की उम्मीद लगाए बैठे दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान होने की आशंका है। बारिश ने उनके कारोबार की उम्मीदों को भी झटका दिया है।

पंचनामा कर सहायता देने की मांग

किसानों और व्यापारियों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण करने की मांग की है। उनका कहना है कि खेतों में फसलों और दुकानों में रखे सामान के नुकसान का पंचनामा किया जाए। साथ ही प्रभावित किसानों को शासन की ओर से आर्थिक सहायता दी जाए और छोटे व्यापारियों को भी राहत प्रदान की जाए।

किसानों की दिवाली काफी हद तक धान की फसल से होने वाली आमदनी पर निर्भर रहती है। ऐसे में त्योहार से ठीक पहले हुई बारिश ने उनका आर्थिक गणित बिगाड़ दिया है। मेहनत से तैयार फसल को नुकसान पहुंचता देख किसान चिंतित हैं। अब उनकी नजर प्रशासन की ओर से होने वाली कार्रवाई और राहत पर टिकी है।