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चिल्लर बाजार में शक्कर की कीमत करीब 60 प्रति किलो तक पहुंचने का दावा।
व्यापारी के अनुसार, पिछले 20 दिनों में थोक भाव में करीब 1,000 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई।
थोक कीमत 4,800-4,850 से बढ़कर 5,800-5,850 प्रति क्विंटल बताई गई है।
त्योहारों में मिठाइयों और घरेलू पकवानों की लागत बढ़ने की आशंका है।
Inflation Festival News: त्योहारों का मौसम शुरू होते ही महंगाई ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। खाद्य सामग्री से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक बढ़ती कीमतों के बीच एक बार फिर से शक्कर के दामों में भी तेजी देखने को मिल रही है।
चिल्लर में शक्कर की कीमत करीब 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। पिछले 20 दिनों में शक्कर के थोक भाव में प्रति क्विंटल करीब 1,000 रुपये की बढ़ोतरी होने से इसका सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है।
पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए त्योहारों की खुशियों के बीच यह बढ़ोतरी किसी झटके से कम नहीं है।
व्यापारी अनिल अग्रवाल ने बताया कि शक्कर के भाव में पिछले कुछ दिनों से तेजी का रुख बना हुआ है। करीब 20 दिन पहले थोक बाजार में शक्कर के भाव 4,800 से 4,850 रुपये प्रति क्विंटल के बीच चल रहे थे जो अब बढ़कर 5,800 से 5,850 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं।
इस दौरान प्रति क्विंटल करीब 1,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। थोक बाजार में बढ़े दामों का असर चिल्लर बाजार में भी दिखाई देने लगा है। यही वजह है कि ग्राहकों को शक्कर खरीदने के लिए पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
त्योहारों के दौरान घरों में मिठाइयां, पकवान और अन्य व्यंजन बनाने की परंपरा रहती है। ऐसे में शक्कर की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। इसी समय कीमतों में करीब 10 रुपये प्रति किलो तक का इजाफा होने से किचन का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है।
त्योहारों पर मिठाइयों की खरीदारी के साथ घरों में लड्डू, गुलाब जामुन, खीर, हलवा और अन्य पकवान बनाने के लिए शक्कर की जरूरत बढ़ जाती है।
ऐसे में इसकी कीमतों में तेजी का असर केवल शक्कर की खरीद तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि मिठाइयों और दूसरी खाद्य सामग्री की लागत पर भी पड़ सकता है।
यदि कीमतों में तेजी बनी रहती है तो त्योहारों के दौरान मिठाई खरीदने और घर में पकवान तैयार करने का खर्च बढ़ सकता है। कुल मिलाकर त्योहारों की शुरुआत के साथ शक्कर के दामों में आई तेजी ने मिठास के इस मौसम में खर्च की कड़वाहट बड़ा दी है।
व्यापारियों के अनुसार नागपुर जिले में शक्कर की कीमतों में आई तेजी के पोछे मिलों की ओर से कीमतें बढ़ाए जाने को प्रमुख वजह बताया जा रहा है।
थोक कारोबार में भाव बढ़ने के बाद चिल्लर बाजार में भी इसका असर पड़ रहा है। शक्कर के बढ़ते भाव ने ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है।
त्योहारों के ठीक पहले हुई इस बढ़ोतरी से आम लोगों के साथ-साथ मिठाई तैयार करने वाले कारोबारियों के खर्च पर भी असर पड़ने की आशंका है।