Uttar Pradesh Rain Alert: सितंबर के दूसरे सप्ताह उत्तर प्रदेश में मानसून का असर अलग-अलग इलाकों में अलग दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग द्वारा जारी अपडेट के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में जहां एक ओर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है तो वहीं पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में मौसम शुष्क रहने के साथ उमस और गर्मी बढ़ने के आसार हैं। साथ ही वाराणसी और प्रयागराज में नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से कानपुर के कटरी और गंगा के तटीय गांवों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ता दिखाई दे रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर प्रदेश के करीब 30 जिलों में बारिश और आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें बहराइच, खीरी, सीतापुर, श्रावस्ती, बाराबंकी, गोंडा, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, अयोध्या, प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, सोनभद्र, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आजमगढ़ और मऊ समेत कई अन्य जिले भी शामिल हैं। साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फिलहाल तेज बारिश की संभावना कम है।
कानपुर के गंगा बैराज पर जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।जो 113.50 मीटर तक पहुंच चुका है। नरौरा से करीब एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है और हरिद्वार से लगातार पानी आने के कारण गंगा में दबाव बढ़ गया है। गंगा का पानी बढ़ने से कटरी के निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ चुकी है। अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो गांवों की स्थिति और ज्यादा खराब हो सकती है।
बता दें कि राजधानी लखनऊ में मौसम बदलता हुआ रहने का अनुमान है। थोड़ी बहुत बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। हालांकि लगातार बारिश की संभावना कम दिख रही है।
जबकि राजधानी का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस का अनुमान है। ऐसे में बारिश के बावजूद उमस भरी गर्मी से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद कम है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकतर जिलों में 10 सितंबर के बाद फिलहाल कोई बड़ी चेतावनी नहीं दी है। हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव जारी है। पूर्वांचल में अगले दो दिनों तक गरज-चमक और हल्की बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।