

Congress MDMK VCK: तमिलनाडु में TVK सरकार ने आखिरकर अपने गठबंधन का औपचारिक नाम फाइनल कर लिया है। तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) सरकार का समर्थन करने वाली राजनीतिक पार्टियों ने अपने गठबंधन का नाम औपचारिक रूप से 'सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस' रखा है। साथ ही, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को गठबंधन का नेता चुना गया है।
यह फैसला बुधवार को चेन्नई के पनैयूर में TVK मुख्यालय में गठबंधन सहयोगियों के बीच बातचीत के दूसरे दौर में लिया गया। विजय की अध्यक्षता में हुई यह बैठक शाम 4:00 बजे शुरू हुई और लगभग 90 मिनट तक चली।
TVK तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, लेकिन अकेले सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत हासिल नहीं कर पाई थी। इसके बाद, पूर्व DMK गठबंधन के कई सहयोगियों जिनमें कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और दो वामपंथी पार्टियां शामिल थीं। सभी ने TVK को अपना समर्थन दिया।
बाद में, VCK और IUML विजय की कैबिनेट में शामिल हो गए, जबकि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (CPI) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) (CPI-M) ने सरकार को बाहर से समर्थन देने का फैसला किया।
TVK के नेतृत्व वाले गठबंधन को औपचारिक रूप और पहचान देने की प्रक्रिया 1 जुलाई को चेन्नई के कोवलम में एक निजी होटल में हुई शुरुआती परामर्श बैठक के साथ शुरू हुई थी। उस बैठक में कांग्रेस, VCK, MDMK और IUML के प्रतिनिधि शामिल हुए थे, जबकि CPI और CPI-M ने भाग नहीं लिया था।
बुधवार की बैठक के लिए, TVK के वरिष्ठ पदाधिकारियों और मंत्रियों आनंद, आदाव अर्जुन और निर्मल कुमार ने गठबंधन के सभी सहयोगियों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया था। हालांकि, CPI और CPI-M ने पहले ही बैठक का बहिष्कार करने का अपना फैसला घोषित कर दिया था।
बैठक में शामिल होने वालों में कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर, सांसद प्रवीण चक्रवर्ती और कांग्रेस विधायक दल के नेता थरहाई कथबर्ट, MDMK के महासचिव वाइको और सांसद दुरई वाइको, IUML के राष्ट्रीय अध्यक्ष के.एम. कादर मोहिदीन और मंत्री शाहजहां, साथ ही VCK अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन, सांसद रविकुमार और सिंथनाई सेलवन सहित कई नेता मौजूद थे।
गठबंधन के सहयोगियों के बीच तालमेल और बातचीत के तंत्र को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। गठबंधन ने कहा कि नया नाम उसके साझा वैचारिक एजेंडे धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और सुशासन को दर्शाता है और भविष्य के चुनावों और जन-अभियानों में उसे एक अलग राजनीतिक पहचान दिलाएगा।
(एजेंसी इनपुट के साथ)