इलाहाबाद हाईकोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया)
प्रयागराज

प्रयागराज में जलभराव पर हाईकोर्ट सख्त, 24 घंटे में निचले इलाकों से पानी निकालने का आदेश

High Court Order: प्रयागराज में जलभराव की समस्या पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई और 24 घंटे में निचले इलाकों से पानी निकालने और 25 अगस्त को नगर आयुक्त को वार्डवार रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।

ओमप्रकाश सिंह परिहार, स्निग्धा श्रीवास्तव

High Court Order On Prayagraj Waterlogging: शहर में जलभराव की समस्या को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगर निगम के रवैये पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने नगर निगम को निर्देश दिया है कि अगले 24 घंटे में शहर के सभी निचले इलाकों से पानी निकालकर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही 25 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई में नगर आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर वार्डवार रिपोर्ट पेश करनी होगी।

न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि केवल तत्काल राहत के उपाय जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भविष्य में जलभराव रोकने के लिए नालों की सफाई, नए नालों का निर्माण और रेन वाटर ड्रेन के विकास जैसे स्थायी उपाय जरूरी हैं।

चार से आठ घंटे में निकालेंगे पानी

सुनवाई के दौरान नगर आयुक्त शैलेंद्र साई तेजा ने कोर्ट को बताया कि निचले इलाकों में जमा पानी को अगले चार से आठ घंटे में पंप के जरिए निकाल दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जलभराव वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी समस्या से बचाव के लिए सैनिटाइजेशन भी कराया जाएगा। नगर निगम ने यह भी बताया कि यूपी जल निगम (शहरी) के सहयोग से पर्याप्त संख्या में पंप लगाए गए हैं और जलनिकासी का काम तेजी से चल रहा है।

भवनों और चैंबरों से भी पानी निकालने का निर्देश

वरिष्ठ अधिवक्ता टीपी सिंह, अमरेन्द्र नाथ सिंह और अरुण कुमार गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि कई इलाकों में अभी भी पानी भरा है। वकीलों के चैंबर और घरों तक पानी पहुंचने की बात भी सामने आई। कोर्ट ने नगर निगम को निर्देश दिया कि भवनों के अंदर जमा पानी भी बाहर निकाला जाए।

पंप कम पड़े तो 12 घंटे में राज्य सरकार देगी

नगर निगम की ओर से बताया गया कि जरूरत के अनुसार यूपी जल निगम से पंप लिए जा रहे हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया कि यदि पर्याप्त पंप उपलब्ध नहीं हैं तो राज्य सरकार 12 घंटे के भीतर नगर निगम को पंप उपलब्ध कराए।

नालों की सफाई की भी देनी होगी रिपोर्ट

कोर्ट ने नगर आयुक्त से यह बताने को कहा है कि मानसून से पहले किन नालों की सफाई कराई गई थी और कौन से नाले अभी भी अवरुद्ध हैं। जवाहर लाल नेहरू रोड, जॉर्जटाउन और सोहबतियाबाग रेलवे पुल के नीचे से गुजरने वाले भूमिगत नालों की सिल्ट हटाने की योजना भी बतानी होगी। वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश पांडे को मामले में एमिकस क्यूरी नियुक्त करते हुए कोर्ट ने दीर्घकालिक जलनिकासी योजना पर भी जोर दिया।

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