Modi Cabinet Reshuffle: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर बीजेपी ने सोमवार को 8 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। पार्टी की इस सूची में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और राज्य मंत्री बीएल वर्मा का नाम नहीं है। दोनों का राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में खत्म हो रहा है। ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में जल्द कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं।
बीजेपी ने इस बार यूपी से अपने सभी मौजूदा राज्यसभा सदस्यों को दोबारा टिकट नहीं दिया है। पार्टी ने उनकी जगह आठ नए चेहरों को मैदान में उतारा है। इनमें उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं।
हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा दोनों को नवंबर 2020 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजा गया था। दोनों का मौजूदा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को खत्म हो रहा है।
हरदीप सिंह पुरी पहली बार 2018 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे थे। इसके बाद नवंबर 2020 में उन्हें दोबारा निर्विरोध राज्यसभा भेजा गया। मोदी सरकार में वह पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय संभाल रहे हैं।
वहीं, बीएल वर्मा भी नवंबर 2020 में पहली बार यूपी से राज्यसभा सांसद बने थे। बाद में उन्हें केंद्र सरकार में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई।
राज्यसभा के लिए दोबारा नाम नहीं आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को केंद्रीय मंत्रिमंडल से भी बाहर किया जाएगा। दोनों का राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में खत्म हो रहा है और इसी वजह से कैबिनेट में उनकी आगे की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, सिर्फ राज्यसभा का टिकट नहीं मिलने से यह तय नहीं होता कि दोनों मंत्रियों को कैबिनेट से हटा दिया जाएगा। बीजेपी की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित कैबिनेट फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है।
केंद्र में लंबे समय से मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा चल रही है। ऐसे में यूपी की राज्यसभा सूची ने इन अटकलों को और हवा दे दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार और संगठन स्तर पर मंत्रियों के कामकाज और प्रदर्शन की समीक्षा भी चर्चा का हिस्सा रही है।
हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को राज्यसभा में दोबारा नहीं भेजे जाने को इसी व्यापक राजनीतिक और संगठनात्मक बदलाव की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
बीजेपी की नई राज्यसभा सूची में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों पर भी जोर दिखाई देता है। पार्टी ने आठ उम्मीदवारों में तीन ओबीसी, दो दलित और तीन सामान्य वर्ग से उम्मीदवार उतारे हैं। दो महिला उम्मीदवारों को भी जगह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राज्यसभा के लिए नए चेहरों का चयन सिर्फ संसद की गणित तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। राज्यसभा चुनाव के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है।