Highlights:
फाफामऊ पुल पर पीछे से टक्कर मारने के बाद कार सवारों ने किया हंगामा
चालक की तहरीर पर शिवकुटी पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
वीडियो के आधार पर पुलिस ने तेज की आरोपियों की तलाश
Allahabad High Court Judge Car Incident: प्रोटोकॉल में चलने वाले उच्च न्यायालय इलाहाबाद के न्यायमूर्ति की गाड़ी का पीछा कर टक्कर मारने के मामले ने न्यायमूर्तियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है। हाईकोर्ट के एक न्यायमूर्ति की सरकारी कार को रास्ते में रोककर अभद्रता और सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि फाफामऊ पुल के पास एक अज्ञात वाहन ने न्यायमूर्ति की कार में पीछे से टक्कर मार दी। इसके बाद गोल्डन कलर की फोर्ड इकोस्पोर्ट्स कार सवारों ने हंगामा शुरू कर दिया। सरकारी वाहन के चालक की शिकायत पर शिवकुटी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
थाने में दर्ज मामले के मुताबिक न्यायमूर्ति लखनऊ से प्रयागराज आ रहे थे। शहर के नजदीक फाफामऊ पुल पर पहुंचने के बाद पीछे से आए एक अज्ञात वाहन ने उनकी सरकारी कार में टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद सरकारी वाहन रुक गया। इसी दौरान गोल्डन कलर की इकोस्पोर्ट्स कार से एक व्यक्ति नीचे उतरा और न्यायमूर्ति की गाड़ी के सामने लेट गया। इससे रास्ता बाधित हो गया और सरकारी वाहन आगे नहीं बढ़ सका।
न्यायमूर्ति के सुरक्षाकर्मियों ने रास्ता खुलवाने के लिए सामने लेटे व्यक्ति को हटाने का प्रयास किया तो कार सवारों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट की गई। इस दौरान इकोस्पोर्ट्स कार में सवार युवक न्यायमूर्ति की गाड़ी का पीछा करते हुए वीडियो भी बनाते रहे। आरोप है कि उन्होंने कई बार खतरनाक तरीके से ओवरटेक कर सरकारी वाहन को रोकने की कोशिश की। इस घटनाक्रम से न्यायमूर्ति की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हो गई।
न्यायमूर्ति की सरकारी कार के चालक राधाकृष्ण मिश्रा ने घटना के बाद शिवकुटी थाने में तहरीर दी। थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह यादव के अनुसार, चालक की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की प्रारंभिक जांच कर रही है। घटना में शामिल कार सवारों की पहचान और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि के लिए उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।