लखनऊ की हवा में जहर का डबल डोज, अमौसी सबसे प्रदूषित; चारबाग-इंदिरानगर के हालात भी खराब

Lucknow Air Pollution: लखनऊ में मानसून की बारिश से सड़कों पर जमी धूल तो धुल गई, लेकिन शहर की हवा साफ नहीं हो पाई। हवा में प्रदूषण कुछ कम जरूर हुआ, लेकिन इसका स्तर अब भी तय सीमा से ज्यादा है।
Lucknow Pollution
लखनऊ में सुबह के वक्त छाई स्मॉग (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Highlights:

  • औद्योगिक क्षेत्र अमौसी में सबसे ज्यादा प्रदूषण

  • चारबाग और इंदिरानगर की भी हवा सबसे खराब

  • चारबाग और गोमतीनगर में रात का शोर सबसे अधिक

Lucknow Pollution Report: लखनऊ में मानसून की बारिश से सड़कों पर जमी धूल तो धुल गई, लेकिन शहर की हवा साफ नहीं हो पाई। बारिश के दौरान हवा में प्रदूषण कुछ कम जरूर हुआ, लेकिन इसका स्तर अब भी तय सीमा से ज्यादा है। चिंता की बात यह है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार हवा में धूल के बड़े और छोटे कण दोनों बढ़ गए हैं।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च (IITR) ने मंगलवार को पोस्ट मानसून-2026 (सितंबर-अक्टूबर) की रिपोर्ट जारी की। शहर के 9 जगहों पर हुई जांच में औद्योगिक इलाके अमौसी में सबसे ज्यादा प्रदूषण मिला। वहीं, बाजार वाले इलाकों में चारबाग और रिहायशी इलाकों में इंदिरानगर की हवा सबसे खराब रही।

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस बार रिहायशी इलाकों में PM10 का स्तर 26.20 प्रतिशत और PM2.5 का स्तर 8.20 प्रतिशत बढ़ा है। PM10 धूल के बड़े कण होते हैं, जबकि PM2.5 के छोटे कण सांस के साथ फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं।

Lucknow Pollution
स्वच्छ हवा के मामले में यूपी का दबदबा, लखनऊ समेत 16 शहरों ने राष्ट्रीय रैंकिंग में बनाई जगह

औद्योगिक इलाकों में सबसे ज्यादा बढ़ा प्रदूषण

पिछले साल के मुकाबले इस बार आवासीय, बाजार और औद्योगिक इलाकों में PM10 का स्तर क्रमशः 26.6, 23.60 और 33.40 प्रतिशत बढ़ा है। यानी सबसे ज्यादा बढ़ोतरी औद्योगिक इलाकों में हुई है।

इसी तरह PM2.5 का स्तर भी तीनों क्षेत्रों में बढ़ा है। रिहायशी इलाकों में इसमें 1.60 प्रतिशत, बाजार वाले इलाकों में 15.30 प्रतिशत और औद्योगिक क्षेत्रों में 6.40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

हालांकि, राहत की बात यह है कि हवा में सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड की मात्रा तय सीमा के अंदर रही।

चारबाग और इंदिरानगर की हवा सबसे खराब

इलाकों के हिसाब से देखें तो बाजार वाले क्षेत्रों में चारबाग की हवा सबसे ज्यादा खराब रही। यहां PM10 का स्तर 157.2 और PM2.5 का स्तर 81.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।

रिहायशी इलाकों में इंदिरानगर की स्थिति सबसे खराब मिली। यहां PM10 का स्तर 126.5 और PM2.5 का स्तर 68.6 रहा।

वहीं, गोमतीनगर के लोगों को कुछ राहत मिली। आवासीय इलाकों में यहां प्रदूषण सबसे कम रहा। गोमतीनगर में PM10 का स्तर 105.8 और PM2.5 का स्तर 54.2 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।

बाजार वाले इलाकों में चारबाग के बाद अमीनाबाद में PM10 का स्तर 143.5 और चौक में 129.2 रहा। वहीं, PM2.5 के मामले में आलमबाग 75.8 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के साथ दूसरे नंबर पर रहा।

चारबाग में रात को सबसे ज्यादा शोर

शहर में सिर्फ हवा ही नहीं, शोर भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। देर रात तक गाड़ियों की आवाजाही के कारण चारबाग रेलवे और बस स्टेशन के आसपास सबसे ज्यादा शोर दर्ज किया गया। यहां रात में शोर का स्तर 87.4 डेसीबल रहा।

शांत इलाका माने जाने वाले गोमतीनगर में भी रात का शोर 76.7 डेसीबल तक पहुंच गया। बाकी निगरानी केंद्रों पर भी शोर तय सीमा से ज्यादा मिला।

प्रदूषण रोकने के लिए योजना लागू करने की जरूरत

रिपोर्ट में प्रदूषण कम करने के लिए उत्तर प्रदेश क्लीन एयर प्लान (UCAP) को ठीक से लागू करने पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट से साफ है कि बारिश होने के बाद भी शहर की हवा में प्रदूषण बना हुआ है। ऐसे में हवा को साफ रखने के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे।

Lucknow Pollution
नवभारत विशेष: दिल्ली-NCR में हर साल क्यों बिगड़ती है हवा? जानें प्रदूषण की असली वजहें