Atul Pradhan Saharanpur Visit: सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल का आज सहारनपुर दौरा प्रस्तावित था। प्रतिनिधिमंडल में मेरठ से सपा विधायक अतुल प्रधान भी शामिल होने वाले थे। लेकिन सहारनपुर रवाना होने से पहले ही मेरठ पुलिस ने अतुल प्रधान को शास्त्री नगर स्थित उनके घर पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया।
सुबह से ही उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया, जिसके बाद पूरा इलाका छावनी में तब्दील नजर आया। जैसे ही अतुल प्रधान जाने के लिए घर के बाहर निकले तो पुलिस से धक्का मुक्की भी हुई।
अतुल प्रधान का आरोप है कि पुलिस उन्हें बिना किसी कारण के जबरन रोक रही है। उन्होंने इसे सरकार की तानाशाही बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें अपने लोगों के बीच जाने और मामले की जानकारी लेने से रोका जा रहा है। बता दें कि, अतुल प्रधान के अलावा पुलिस ने एआईएमआईएम के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ मेहताब चौहान और जिला अध्यक्ष फहीम चौधरी को भी हाउस अरेस्ट किया गया है।
दरअसल सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी और एआईएमआईएम का प्रतिनिधिमंडल मौके पर जाकर पूरे मामले की जानकारी लेने और प्रभावित लोगों से बातचीत करने वाला था। लेकिन उससे पहले ही इस प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर दिया। फिलहाल अतुल प्रधान के आवास के बाहर पुलिस की तैनाती है और उन्हें सहारनपुर जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
बता दें कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल का प्रस्तावित दौरा सोमवार को राजनीतिक हलचल का कारण बन गया। प्रतिनिधिमंडल में मेरठ के सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान भी शामिल होने वाले थे। हालांकि, सहारनपुर रवाना होने से पहले ही मेरठ पुलिस ने उन्हें उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया।
सुबह से ही अतुल प्रधान के आवास के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस की तैनाती के बाद उनके आवास के आसपास का इलाका छावनी में तब्दील नजर आया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने विधायक के आवास से बाहर निकलने पर निगरानी रखी। जब अतुल प्रधान सहारनपुर जाने के लिए घर से बाहर निकलने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान विधायक और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। घटना के बाद मौके पर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।
विधायक के समर्थक भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। समर्थकों का कहना था कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को इस तरह घर से बाहर निकलने से रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। वहीं, सपा विधायक अतुल प्रधान ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी उचित कारण के जबरन रोका जा रहा है। विधायक ने इसे सरकार की तानाशाही बताते हुए कहा कि वह किसी विवाद को बढ़ाने नहीं, बल्कि सहारनपुर जाकर पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जानने और प्रभावित लोगों से बातचीत करने जा रहे थे।
उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता की समस्याओं को जानना और संबंधित अधिकारियों के सामने उनकी बात रखना उनका अधिकार है। दरअसल, सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मौके पर जाने वाला था। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेना, प्रभावित लोगों से बातचीत करना और मामले से जुड़े तथ्यों को समझना बताया गया है।
इसके बाद प्रतिनिधि मंडल द्वारा संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी बात रखने की भी योजना थी। इसी बीच अतुल प्रधान को मेरठ में ही रोक दिए जाने से सियासी विवाद बढ़ गया है। विधायक के समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
वहीं, पुलिस की ओर से विधायक को हाउस अरेस्ट किए जाने के संबंध में फिलहाल विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल अतुल प्रधान के आवास के बाहर पुलिस बल तैनात है और उन्हें सहारनपुर जाने की अनुमति नहीं दी गई है। घटना के बाद सपा कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी है। आने वाले समय में यह कार्रवाई राजनीतिक मुद्दा बनने के आसार नजर आ रहे हैं।