अमेरिका के साथ चांद पर चलेगा भारत, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का बड़ा बयान, बोले- NASA ने ISRO को भेजा न्योता

NASA-ISRO Moon Base Mission: अमेरिका ने चांद पर अपने मून बेस प्रोग्राम में ISRO को शामिल होने का न्योता दिया है। राजदूत सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका अंतरिक्ष सहयोग को नई ऊंचाई बताया।
Sergio Gor on India-US Space Programs
इसरो के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन, सर्जियो गोर(सोर्स- @USAmbIndia)
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Sergio Gor on India-US Space Programs: भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने दोनों देशों के स्पेस प्रोग्राम के भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका चांद पर वापस जाएगा और हम चाहते हैं कि जब ऐसा हो तो भारत हमारे साथ रहे। उन्होंने बताया कि NASA ने आधिकारिक रूप से ISRO को अपने मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

सर्जियो गोर में बेंगलुरु स्पेस एक्सपो 2026 में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने इसरो के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन की मुलाकात की। गोर ने कहा, भारत आर्टेमिस समझौते का एक गर्वित हस्ताक्षरकर्ता है, और NASA ने आधिकारिक तौर ISRO को हमारे साथ मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। गोर ने कहा हम चांद पर वापस जा रहे हैं, और हम चाहते हैं कि भारत चांद की सतह पर हमारे साथ रहे।

चांद पर एस्ट्रोनॉट्स भेजने की तैयारी में नासा

सर्जियो गोर का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब आर्टेमिस मिशन के तहत, नासा साइंटिफिक खोज, इकोनॉमिक फायदे और मार्स पर पहले क्रू मिशन की नींव बनाने के लिए चांद के और हिस्से को एक्सप्लोर करने के लिए एस्ट्रोनॉट्स को मुश्किल होते मिशन पर भेजेगा।

अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग पर रोशनी डालते हुए गोर ने कहा कि, NISAR मिशन ने दिखाया कि कैसे संयुक्त तकनीकी सीधे तौर पर जानें बचाने में मदद कर सकती है। और जब हम NISAR को देखते हैं, तो हम पाते हैं कि नासा और इसरो ने वैज्ञानिक सिद्धांतों के लिए कोई यादगार नहीं बनाया, बल्कि उन्होंने एक जीवन रक्षक बनाया।

NISAR ने वेनेज़ुएला में भूकंप के समय की मदद

गोर ने कहा कि, सिर्फ दो महीने पहले वेनेज़ुएला में एक भयानक भूकंप आया, तो NISAR के रडार डेटा ने घने बादलों और धूल को भेदकर सिर्फ दो महीने पहले वेनेज़ुएला में एक भयानक भूकंप आया, तो NISAR के रडार डेटा ने घने बादलों और धूल को भेदकर आपातकालीन प्रतिक्रियाकर्ता तक जानकारी को सीधे ग्राउंड जीरो तक पहुंचाया। यह एक उदाहरण है कि जब हम साथ मिलकर काम करते हैं तो कितनी बड़ी चीजें हो सकती हैं। यह संयुक्त तकनीकी है जो रियल टाइम में इंसानों की जान बचा रही है। 

अमेरिका सहयोग से ISS पहुंचे शुभांशु शुक्ला

गोर ने मानव अंतरिक्ष उड़ान में भारत की बढ़ती भूमिका और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन जाने को लेकर कहा कि पिछले साल, ग्रुप कैप्टन शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन गए थे, जो भारत के लिए एक अहम पल था, जो अमेरिकी सहयोग और साझेदारी से मुमकिन हुआ।

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उन्होंने कहा कि, विश्वास से काबिलियत बनती है। काबिलियत से महत्वाकांक्षा बनती है और महत्वाकांक्षा हमें स्ट्रैटोस्फियर से भी आगे ले जाती है। गोर ने कहा कि Axiom-4 मिशन और पांच संयुक्त विज्ञान जांच के बाद, अब हम डॉकिंग स्टैंडर्ड्स, इंटरऑपरेबिलिटी और एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग पर ध्यान दे रहे हैं।

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