

Delhi Satya Niketan Building Dilip Ghosh: दिल्ली सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है। एक ओर विपक्ष रेखा गुप्ता सरकार की नाकामी गिना रहे है। तो वहीं, दूसरी ओर सत्ता पक्ष केजरीवाल सरकार के कार्यकाल पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने इमारत गिरने की घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी है। साथ ही उन्होंने हुमायूं कबीर पर हमले, अरविंद केजरीवाल की दिल्ली सरकार और राहुल गांधी पर की गई टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी।
दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की घटना पर मंत्री दिलीप घोष ने मीडिया से कहा, "यह बहुत दुखद है कि हॉस्टल गिर गया और छात्रों के साथ ऐसी घटना हुई। हमें इस बात की जांच करनी चाहिए कि बिल्डिंग किसने बनाई थी और छात्र उसमें क्यों रह रहे थे। यह गंभीर चिंता का विषय है। मुझे विश्वास है कि सरकार इस मामले की पूरी जांच कराएगी।"
सत्य निकेतन बिल्डिंग गिरने पर अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाए जाने पर दिलीप घोष ने कहा, "अपनी सरकार में केजरीवाल ने क्यों नहीं बिल्डिंग की जांच कराई थी। केजरीवाल ने अपनी सरकार में इस बिल्डिंग को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की थी। अब हादसा हो गया है तो सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।"
दिलीप घोष का कहना है कि रेखा सरकार डेढ़ साल पहले आई है और बिल्डिंग 40-50 साल पुरानी है। तो इससे पहले जब सालों से केजरीवाल की सरकार थी, तब उन्होंने बिल्डिंग की जांच क्यों नहीं करवाई।
राहुल गांधी द्वारा भी बिल्डिंग गिरने पर सवाल उठाए जाने पर घोष ने कहा, "राहुल गांधी सवाल उठाते हैं, उनके पास कोई उत्तर नहीं है। कर्नाटक में छात्र गौशाला में रहते हैं, इसका जवाब राहुल गांधी के पास नहीं है।"
हुमायूं कबीर पर हुए हमले पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "क्या भाजपा के पास कोई और काम नहीं है कि वह जाकर अंडे फेंके? इसके लिए भाजपा की जरूरत नहीं है। जिन्होंने ऐसा किया है, उन्हें अपने कामों का नतीजा भुगतना होगा। आज जिसके साथ भी ऐसा हो रहा है, उसे अपना इतिहास देखना चाहिए, उन्हें सारे जवाब मिल जाएंगे।"
बता दें कि रविवार दोपहर को दिल्ली के सत्य निकेतन की एक तंग गली में बनी पांच मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें लड़कों का हॉस्टल था। यह इमारत लगभग 50 साल पुरानी थी। इस घटना में दिल्ली एम्स ने आधिकारिक तौर पर 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है।
वहीं, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बहुमंजिला इमारत के मालिक हरिराम बंसल और अन्य के खिलाफ साउथ कैंपस थाने में एफआईआर दर्ज की है। बताया जा रहा है कि यह इमारत 40 से 50 साल पुरानी थी, इसके बावजूद इसमें पीजी हॉस्टल चल रहा था।
हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था, जिसके दौरान यह हादसा हुआ। दिल्ली पुलिस बिल्डिंग के मालिर हरिराम बंसल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है और गुरुग्राम समेत कई जगहों पर छापेमारी कर रही है।